भाजपा सदन चलाना नहीं चाहती, आप चलने देना नहीं चाहती : नाज़िया दानिश
एमसीडी की सियासत में कांग्रेस ने दोनों दलों को घेरा, बोलीं—जनता के सवालों पर हंगामा नहीं, जवाब चाहिए
जोन व्यवस्था से लेकर निगम की कार्यप्रणाली तक कांग्रेस ने उठाए सवाल, नाज़िया ने कहा—भाजपा और आप की लड़ाई में पिस रही दिल्ली की जनता
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की सियासत में कांग्रेस ने भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस दल की नेता नाज़िया दानिश ने एमसीडी की मौजूदा कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा सदन चलाना नहीं चाहती, वहीं आप उसे चलने देना नहीं चाहती।” उन्होंने कहा कि दोनों दलों की राजनीतिक लड़ाई का खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नाज़िया दानिश ने कहा कि एमसीडी सदन जनता की समस्याओं पर चर्चा और उनके समाधान के लिए है, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष की राजनीतिक खींचतान ने सदन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कूड़ा, जलभराव, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों और निगम कर्मचारियों से जुड़े सवाल लगातार मौजूद हैं, लेकिन इन मुद्दों पर ठोस जवाब और कार्रवाई के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हावी हैं।
‘सत्ता और विपक्ष दोनों जवाबदेही से नहीं बच सकते’
कांग्रेस नेत्री ने भाजपा पर सत्ता में होने के बावजूद निगम की जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया तो आम आदमी पार्टी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष का काम सदन को ठप करना नहीं बल्कि सरकार और निगम प्रशासन से जवाब मांगना है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास बहुमत और सत्ता है तो उसे सदन चलाकर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और अगर आप विपक्ष में है तो उसे सदन में जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरना चाहिए। दोनों के बीच की राजनीतिक रस्साकशी में दिल्ली के करोड़ों नागरिकों की आवाज दबनी नहीं चाहिए।
नए जोन पर भी कांग्रेस का सवाल—चुनाव पुराने जोन से तो बदलाव का आधार क्या?
नाज़िया दानिश ने एमसीडी की नई जोन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव जिस जोन व्यवस्था के आधार पर कराए गए थे, उसके बाद जोन की संरचना में बदलाव को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और जनता के सामने पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव पुराने जोन के आधार पर हुए तो बाद में जोन व्यवस्था में बदलाव का निर्णय किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत लिया गया? कांग्रेस इस पूरे मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब की मांग करती है।
‘दिल्ली को राजनीतिक अखाड़ा नहीं, काम करने वाला निगम चाहिए’
नाज़िया दानिश ने कहा कि दिल्ली नगर निगम सीधे जनता के घर-द्वार से जुड़ी संस्था है। जन्म प्रमाणपत्र से लेकर सफाई, कूड़ा उठाने, सड़कों, नालियों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सुविधाओं तक बड़ी जिम्मेदारी निगम की है। ऐसे में सदन का समय राजनीतिक शोर-शराबे में बर्बाद करना दिल्ली के नागरिकों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस निगम सदन में न सत्ता पक्ष की गलतियों पर पर्दा डालेगी और न विपक्ष की राजनीतिक नौटंकी का हिस्सा बनेगी। कांग्रेस जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सवाल उठाएगी और निगम प्रशासन से जवाब मांगेगी।
कांग्रेस का दो टूक संदेश
नाज़िया दानिश ने कहा कि दिल्ली की जनता अब राजनीतिक बहानों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और जवाबदेही चाहिए। उन्होंने भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों से सदन की गरिमा बनाए रखने तथा दिल्ली के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की।
उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को एमसीडी में दबने नहीं देगी और दिल्ली के नागरिकों के अधिकारों तथा मूलभूत सुविधाओं के सवाल पर निगम सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रखेगी।
