रामलीला मैदान बेहाल, भाजपा की एमसीडी सरकार सवालों के घेरे में
AAP पार्षद किरण बाला ने खोला निगम की तैयारियों का पोल—गड्ढे, जलभराव और टूटी दीवारों के बीच कैसे होगा दशहरा?
10 सितंबर से रामलीला की तैयारियां, 18 अक्टूबर को दशहरा; किरण बाला ने मेयर प्रवेश वाही को पत्र लिखकर युद्धस्तर पर मरम्मत कराने की मांग की
नई दिल्ली। राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान की बदहाल हालत को लेकर आम आदमी पार्टी की पार्षद किरण बाला ने दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। आगामी 18 अक्टूबर को दशहरा एवं रामलीला पर्व आयोजित होना है, लेकिन मैदान में जगह-जगह गड्ढे, जलभराव और उबड़-खाबड़ जमीन के साथ महत्वपूर्ण हिस्सों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त बताई गई हैं।
जनता की समस्या को लेकर सक्रिय नजर आ रहीं AAP पार्षद किरण बाला ने इस मामले में सीधे मेयर प्रवेश वाही को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि 10 सितंबर से रामलीला कमेटी द्वारा मैदान की बुकिंग कर तैयारियां शुरू की जानी हैं, इसलिए अब नगर निगम के पास समय गंवाने की गुंजाइश नहीं है।
रामलीला की तैयारी या बदहाली का मैदान?
किरण बाला ने पत्र में मैदान की मौजूदा स्थिति को बेहद खराब बताते हुए तत्काल समतलीकरण कराने की मांग की है। सवाल यह है कि जब राजधानी के सबसे बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में से एक की तारीख पहले से तय है, तो आयोजन स्थल को समय रहते दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?
मैदान में जलभराव और गड्ढों की स्थिति श्रद्धालुओं, कलाकारों, आयोजकों और दर्शकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में AAP पार्षद ने निगम प्रशासन से केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि मौके पर तत्काल काम शुरू कराने की मांग की है।
वीआईपी गेट से मंच तक टूटी दीवारें
पत्र में किरण बाला ने गंभीर स्थिति की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया है कि तुर्कमान गेट की तरफ वीआईपी गेट के पास और रामलीला मंच के पीछे की दीवारें गिर चुकी हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि दरगाह फैज़-ए-इलाही मस्जिद की चारदीवारी एमसीडी द्वारा गिराई जा चुकी है। ऐसे में आयोजन से पहले सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी निगम को तत्काल निर्णय लेना होगा।
किरण बाला का सीधा सवाल—जिम्मेदारी किसकी?
AAP पार्षद की पहल ने निगम प्रशासन के सामने सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—जब 10 सितंबर से आयोजन की तैयारियां शुरू होनी हैं, तो मैदान को अभी तक पूरी तरह आयोजन योग्य क्यों नहीं बनाया गया?
किरण बाला ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त चारदीवारी का निर्माण कराया जाए और जब तक स्थायी निर्माण संभव न हो, तब तक अस्थायी टिन शेड लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनता के बीच, जनता के मुद्दे पर पार्षद
किरण बाला ने इस मुद्दे को महज राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय लिखित रूप से मेयर और निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उठाया है। पत्र की प्रतिलिपि सिटी-एसपी जोन के अधिशासी अभियंता तथा एमसीडी आयुक्त, सिविक सेंटर को भी भेजी गई है।
AAP का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर पार्षदों की जिम्मेदारी केवल सदन में सवाल उठाने तक नहीं, बल्कि प्रशासन से जवाब और कार्रवाई सुनिश्चित कराने की भी है।
भाजपा के सामने अब मैदान दुरुस्त करने की चुनौती
दिल्ली नगर निगम में भाजपा के नेतृत्व वाली व्यवस्था के सामने अब रामलीला मैदान की बदहाली दूर करने की चुनौती है। दशहरा नजदीक है, रामलीला की तैयारियों की तारीख तय है और मैदान की स्थिति पर सवाल उठ चुके हैं।
अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इस शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। यदि समय रहते मैदान का समतलीकरण, जलभराव की समस्या और टूटी दीवारों की मरम्मत नहीं हुई तो इसका सीधा असर दशहरा एवं रामलीला आयोजन की व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।
