अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर नाज़िया दानिश का केंद्र पर हमला

‘भारत की ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’, बोलीं—मोदी सरकार दबाव में नहीं, राष्ट्रीय हित में ले फैसले

नई दिल्ली, 18 सितंबर। रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने की अमेरिकी पहल को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक हित और रणनीतिक स्वायत्तता किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

नाज़िया दानिश ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की ओर से रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर भारी दंडात्मक शुल्क का प्रावधान किया जाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था और संप्रभु समानता के सिद्धांतों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए जो भी निर्णय लेता है, वे पूरी तरह राष्ट्रीय हित और देश के करोड़ों उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं पर आधारित होने चाहिए।

कांग्रेस नेत्री ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से लगातार बढ़ते व्यापारिक दबाव और अतिरिक्त टैरिफ की चुनौतियों के बीच सरकार का रवैया पर्याप्त रूप से प्रभावी नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक मंच पर भारत के आर्थिक हितों की मजबूती से पैरवी करने के बजाय केंद्र सरकार केवल नियमित सरकारी बयानों तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी बाहरी शक्ति के दबाव में अपनी विदेश नीति या ऊर्जा नीति निर्धारित नहीं करनी चाहिए। देश की 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा जरूरत, भारतीय उद्योग, उपभोक्ता और निर्यातक सर्वोच्च प्राथमिकता होने चाहिए।

केंद्र से तत्काल कदम उठाने की मांग

नाज़िया दानिश ने केंद्र सरकार से मांग की कि अमेरिकी विधायी कदम के खिलाफ स्पष्ट और दृढ़ कूटनीतिक रुख अपनाया जाए। साथ ही संभावित आर्थिक प्रभावों से भारतीय उपभोक्ताओं, निर्माताओं, निर्यातकों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बचाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री से देश को विश्वास में लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि भारत के आर्थिक और ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से सक्रिय कूटनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं।नाज़िया दानिश ने कहा कि भारत की विदेश नीति और आर्थिक दिशा का निर्धारण देश की जनता और राष्ट्रीय हितों के आधार पर होना चाहिए, किसी बाहरी शक्ति के दबाव या निर्देश पर नहीं।