मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बटन दबाकर 4,000 एमटीएस कर्मचारियों के खातों में भेजा बढ़ा हुआ वेतन
समान कार्य-समान वेतन के फैसले से जनस्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, सालाना 52 करोड़ रुपये खर्च करेगी दिल्ली सरकार
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग के करीब 4,000 एमटीएस कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के फैसले के तहत बटन दबाकर बढ़ी हुई वेतन राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी। निगम मुख्यालय स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को इस फैसले की बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली की सेवा में दिन-रात जुटे हजारों कर्मचारियों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण की चिंता करना सरकार का फर्ज है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1996 में दिल्ली में डेंगू के प्रकोप के दौरान नियुक्त किए गए ये कर्मचारी पिछले करीब तीन दशकों से घर-घर जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके लंबे संघर्ष और योगदान को सम्मान देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप वेतन, सम्मान और सुविधाएं मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है और वे अधिक उत्साह से जनसेवा कर पाते हैं।

सालाना 52 करोड़ रुपये होंगे खर्च
दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि एमटीएस जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए सालाना 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इस प्रस्ताव का उल्लेख किया और खर्च की जानकारी दी, तो मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए अपनी स्वीकृति दे दी। अब बटन दबाकर बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों के खातों में भेजी गई है।

महापौर ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में इन कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिले और उनके वेतन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निगम के कर्मचारियों से ऐसा काम करने का आह्वान किया है, जिससे निगम के कार्यों की सराहना हो। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में काम करने की बात कही है और निगम प्रशासन बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पे मैट्रिक्स लेवल-1 के तहत मिलेगा न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन
निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए वर्ष 1997 में डीबीसी कर्मचारियों के पदों का सृजन किया गया था, जिन्हें बाद में एमटीएस जनस्वास्थ्य के रूप में पहचान मिली। अब इन कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के आधार पर पे मैट्रिक्स के लेवल-1 का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) भी दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी।

दीवाली पर सफाई के लिए 2,500 नए कर्मियों की नियुक्ति
महापौर प्रवेश वाही ने घोषणा की कि दीवाली और आगामी त्योहारों के दौरान दिल्ली के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने के लिए 2,500 नए स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह कदम उठाया जा रहा है। महापौर ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस पहल में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन निगम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान दिल्ली को स्वच्छ रखना है।

कर्मचारियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और नर्सिंग इंटर्न सहित जनसेवा से जुड़े विभिन्न वर्गों के हित में कदम उठा रही है। उन्होंने कर्मचारियों से जनता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और सेवाभाव से पेश आने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारी सरकार का चेहरा होते हैं और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में निगम में नेता सदन जय भगवान यादव ने वेतन वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कर्मचारियों को हर महीने की पहली तारीख को वेतन मिलना सामान्य व्यवस्था बन रही है। उन्होंने दिल्ली में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लि
ए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, स्थायी समिति उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष विकेश सेठी, मलेरिया समिति अध्यक्ष नीता बिष्ट, निगम आयुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा, निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक रावत, डॉ. लल्लन वर्मा सहित पार्षद, निगम अधिकारी और बड़ी संख्या में एमटीएस जनस्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
