भाजपा 2027 की तैयारी में सफाई कर्मचारियों को ठग रही है, नियमितीकरण के आंकड़ों पर उठे सवाल: नाज़िया दानिश

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र देने और हजारों कर्मचारियों के नियमितीकरण के दावों पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने भाजपा पर सफाई कर्मचारियों के नाम पर राजनीति करने और आगामी 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए भ्रामक आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया है।

नाज़िया दानिश ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा सफाई कर्मचारियों को सम्मान देने और बड़े पैमाने पर नियमितीकरण के जो दावे किए जा रहे हैं, उनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन और भाजपा नेतृत्व यह बताए कि जिन हजारों कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही जा रही है, उनमें से कितने कर्मचारियों को वास्तव में सभी सेवा लाभ, पदोन्नति, वेतनमान और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्राप्त हुई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने के बजाय केवल आंकड़ों का खेल खेल रहे हैं। कर्मचारियों को स्थायी करने, रिक्त पदों को भरने और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

नाज़िया दानिश ने कहा कि यदि निगम वास्तव में सफाई कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है तो वह नियमितीकरण से संबंधित पूरी सूची, पात्रता मानदंड और लाभ प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का विवरण सार्वजनिक करे। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी आज भी अस्थायी व्यवस्था, संविदा प्रणाली और रोजगार की असुरक्षा से जूझ रहे हैं।

कांग्रेस नेत्री ने कहा कि भाजपा 2027 के चुनावों की तैयारी में सफाई कर्मचारियों को लुभाने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन कर्मचारियों की वास्तविक समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए आंकड़ों के जरिए सफाई कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि दिल्ली नगर निगम सफाई कर्मचारियों की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और बताए कि नियमितीकरण, करुणामूलक नियुक्तियों तथा वरिष्ठता सूची के संबंध में किए गए दावों की वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।

नाज़िया दानिश ने कहा कि सफाई कर्मचारी दिल्ली की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक नौटंकी नहीं होनी चाहिए।