शाहदरा ईस्ट जोन में ACB का बड़ा ट्रैप—संजय और हरीश रंगे हाथ दबोचे गए, सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
बिल पास कराने की कीमत! MCD के डेम्स के दो क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के शाहदरा ईस्ट जोन, जिसे पहले शाहदरा साउथ जोन के नाम से जाना जाता था, में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम के पर्यावरण प्रबंधन सेवा (DEMS) विभाग में तैनात दो बिलिंग क्लर्क संजय और हरीश को कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
मामला एक सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी के लंबित बिलों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि बिलों को पास कराने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर दोनों कर्मचारियों ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की। रकम लेते ही दोनों को निगम कार्यालय के बाहर दबोच लिया गया।
बिल पास कराने के नाम पर कथित वसूली
जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व कर्मचारी के कुछ बिल लंबित थे। इन्हें क्लियर कराने के लिए कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता की सूचना पर एसीबी ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत रिश्वत की रकम दिलाई गई। रकम लेते ही कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
इस मामले में जांच केवल दोनों बिलिंग क्लर्कों तक सीमित रहने के बजाय आगे बढ़ सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक एसीबी यह भी जांच कर रही है कि लंबित बिलों की प्रक्रिया में दोनों की भूमिका कहां तक थी और क्या किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका भी सामने आती है। तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर और एक अन्य कर्मचारी से पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है।
सवालों के घेरे में निगम की कार्यप्रणाली
एमसीडी में रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में एसीबी की कार्रवाई पहले भी सामने आती रही है। ऐसे में शाहदरा ईस्ट जोन की यह कार्रवाई एक बार फिर निगम की आंतरिक निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में तय होगी और आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी का नेटवर्क केवल गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई को 14 सितंबर 2026 की कार्रवाई बताया गया है और संजय-हरीश को DEMS के बिलिंग क्लर्क बताया गया है।
