मानसून सिर पर, नालों की नहीं हुई सफाई, दिल्ली को फिर डुबोएगी भाजपा सरकार – अंकुश नारंग
ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की अभी तक सफाई शुरू नहीं हुई - अंकुश नारंग
नई दिल्ली।चार इंजन की भाजपा सरकार पिछले साल की तरह इस बार भी बारिश में देश की राजधानी दिल्ली को डुबोने की पूरी तैयारी कर ली है। मानसून सिर पर खड़ा होने के बावजूद नालों की सफाई पूरी नहीं होने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की अभी तक सफाई शुरू नहीं हुई। शाहदरा और नजफगढ़ जैसे बड़े नाले तक सरकार नहीं साफ कर पाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज से बाहर निकलकर पूरी दिल्ली को देखे और इस बार मानसून में दिल्ली को डूबने से बचाए।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि मई का महीना खत्म हो रहा है और जून शुरू हो गया है। इसी जून में दिल्ली में मानसून आएगा, लेकिन अभी तक दिल्ली में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की सफाई नहीं हुई है। ईस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली में नालों की सफाई शुरू तक नहीं हुई है। कई जगहों पर केवल पहले फेज की सफाई हुई है और दूसरे फेज के काम में अभी 17 दिन लगने हैं। ऐसे में क्या इस बार फिर से दिल्लीवासियों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा और सीवर व गटर का गंदा पानी जगह-जगह बहेगा?
अंकुश नारंग ने कहा कि क्या दिल्ली की जनता ने भाजपा की चार इंजन वाली सरकार इसलिए बनवाई है? जनता ने भाजपा को सातों सांसद, 48 विधानसभा सीटें, एमसीडी में महापौर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन क्या इसलिए दिए हैं ताकि दिल्ली की जनता इस बार फिर से जलभराव देखे? भाजपा को शर्म आनी चाहिए। शाहदरा और नजफगढ़ के बड़े नालों को अभी तक साफ नहीं किया गया है। जितने भी छोटे और बड़े नाले हैं, उनकी सफाई अभी तक नहीं हुई है। इससे बारिश के दौरान एमसीडी और पीडब्ल्यूडी की हर गली और सड़क पर जगह-जगह फिर से जलभराव नजर आएगा।
अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा नेताओं को यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज से बाहर निकलकर पूरी दिल्ली में जाकर देखना चाहिए, क्योंकि जून में मानसून शुरू हो जाएगा। भाजपा की चार इंजन वाली सरकार के चारों इंजन फेल और नकारे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री, दिल्ली के महापौर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन सब नकारे हैं। ये न तो मिलकर काम कर पा रहे हैं और न ही दिल्लीवासियों को जलभराव से राहत दिला पा रहे हैं।
