नई दिल्ली, 3 जून 2026। मालवीय नगर में हुई भीषण अग्नि त्रासदी के बाद दिल्ली प्रशासन ने राजधानी में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। घटना के तुरंत बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की गई।
बैठक में हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही यह तय किया गया कि बृहस्पतिवार, 4 जून से पूरी दिल्ली में एक महीने तक विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत अवैध रूप से संचालित होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार अभियान में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से भाग लेंगी। विशेष रूप से रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और भवन स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मालवीय नगर की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को उजागर किया है। ऐसे में सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास संचालित ऐसे प्रतिष्ठानों की जानकारी संबंधित विभागों को दें, जहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा हो। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राजधानी में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
