एमसीडी शिक्षा विभाग में 550 शिक्षकों के तबादलों पर बवाल, भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप; अंकुश नारंग ने उठाए सवाल

नई दिल्ली, 5 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग में 550 शिक्षकों के ऑफलाइन तबादलों को लेकर भाजपा शासित एमसीडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया को दरकिनार कर मनमाने तरीके से तबादले किए गए हैं, जिससे शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित एमसीडी ने शिक्षा विभाग को भी भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। उनका कहना है कि नरेला के शिक्षकों का तबादला 30 से 40 किलोमीटर दूर शाहदरा जैसे क्षेत्रों में कर दिया गया है, जिससे उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर ड्यूटी पर जाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे शिक्षकों का उत्पीड़न और शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताया।

उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों के तबादलों की पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था को बंद कर ऑफलाइन “पर्ची सिस्टम” लागू किया गया है। नारंग ने सवाल उठाया कि क्या महापौर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर और संबंधित चेयरमैन मिलकर ट्रांसफर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम क्यों बंद किया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि बड़ी संख्या में शिक्षक सिविक सेंटर स्थित महापौर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनके अनुसार, बिना सहमति के किए गए तबादलों के कारण शिक्षकों में भारी नाराजगी है और इसका सीधा असर निगम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा पर पड़ेगा।

अंकुश नारंग ने भाजपा सरकार से तीन सवाल पूछे—ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया, शिक्षा विभाग में कथित “पर्ची सिस्टम” कब बंद होगा और ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता कब सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षकों के अधिकारों और बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी तथा निगम प्रशासन से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।