श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में चित्र अनावरण व स्मृति व्याख्यान

नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में रविवार को भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं जननेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र का अनावरण एवं स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े तथा नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. सुमित भसीन और महानिदेशक प्रियंका चंद्रा भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के अनावरण तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। समारोह में शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, पुस्तकालय अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया”डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार” विषय पर अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की अखंडता, एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा प्रदान करते हैं।

“शिक्षाविद् से राष्ट्र निर्माता तक : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बहुआयामी विरासत” विषय पर बोलते हुए विनोद तावड़े ने शिक्षा, संसदीय परंपराओं, संस्थागत विकास और राष्ट्र निर्माण में डॉ. मुखर्जी के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय संगम था।

वहीं “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व” विषय पर अपने विचार रखते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने साहस, स्पष्ट दृष्टिकोण और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों, शिक्षा के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।