‘जिंदगी की जंग में ढाल बनी खाकी’: रोहिणी हादसे में दिल्ली पुलिस ने रातभर लड़कर बचाईं सांसें, जज्बे को सलाम
नई दिल्ली।रोहिणी सेक्टर-16 में हुए दर्दनाक हादसे के बीच जब हर तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था, तब दिल्ली पुलिस ‘उम्मीद की सबसे मजबूत दीवार’ बनकर सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंची और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिसकर्मियों ने जोखिम उठाते हुए लगातार प्रयास किए। बुजुर्गों और महिलाओं को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर लाया गया, वहीं घायलों को मौके पर ही पानी और ऑक्सीजन देकर उनकी जिंदगी को थामे रखने की कोशिश की गई। हालात कितने भी मुश्किल क्यों न रहे हों, खाकी का हौसला कहीं डगमगाता नजर नहीं आया।

अंधेरे के बीच भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने के लिए मौके पर तुरंत लाइट और जनरेटर की व्यवस्था की गई। पूरी रात दिल्ली पुलिस के जवान घटनास्थल पर डटे रहे—न थकान की परवाह, न खतरे का डर, सिर्फ एक ही लक्ष्य… हर संभव जिंदगी को बचाना ।इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली पुलिस ने जो जज्बा, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाई है, वह सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत के प्रति उनका सच्चा समर्पण है।खाकी ने एक बार फिर साबित कर दिया—यह सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि भरोसे, साहस और सेवा का प्रतीक है!
