अंकुश नारंग का सवाल—‘आखिर जलभराव रोकने के नाम पर खर्च हुआ करोड़ों रुपया गया कहां?’
भाजपा के करोड़ों के दावे बनाम फतेहपुर की जमीनी हकीकत!
नई दिल्ली। दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने और मानसून से पहले तमाम तैयारियां पूरी करने के भाजपा सरकार व भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम के दावों की बारिश ने पोल खोल दी है। फतेहपुर गांव की तस्वीरें और वहां के हालात सरकारी दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं। सड़कों पर कमर तक पानी जमा है, लोगों के लिए घर से निकलना मुश्किल है और स्कूली बच्चे गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
आम आदमी पार्टी के नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने फतेहपुर गांव की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार और MCD पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस फतेहपुर गांव में यह बदहाली है, वह भाजपा विधायक करतार सिंह और पार्षद सुंदर तंवर का क्षेत्र है। इसके बावजूद बारिश के बाद लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कागजों पर तैयारी, जमीन पर पानी ही पानी
अंकुश नारंग ने कहा कि मानसून से पहले नालों की सफाई, जल निकासी और जलभराव रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए गए। लेकिन बारिश के बाद जब वास्तविक स्थिति सामने आई तो कागजों की तैयारी और जमीन की हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि जलभराव रोकने की व्यवस्था वास्तव में मजबूत की गई थी तो फतेहपुर की सड़कों पर कमर तक पानी कैसे भर गया? लोगों को अपने घरों से निकलने में परेशानी क्यों हो रही है और बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल क्यों जाना पड़ रहा है?
‘पैसा खर्च हुआ, फिर व्यवस्था कहां है?’
नारंग ने कहा कि जनता के पैसे से जलभराव रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में सरकार और निगम को यह बताना चाहिए कि यह पैसा किन कामों पर खर्च हुआ और उसका जमीन पर कितना असर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद दिल्ली फिर जलमग्न है। सवाल सीधा है—आखिर जलभराव रोकने के नाम पर खर्च हुआ करोड़ों रुपया गया कहां?”
‘दिल्ली को विज्ञापन नहीं, समाधान चाहिए’
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता को राहत चाहिए, सिर्फ दावे और विज्ञापन नहीं। सरकार और MCD को जलभराव की समस्या की जिम्मेदारी तय करनी होगी और जनता के सामने जवाब देना होगा।
उन्होंने मांग की कि फतेहपुर सहित जलभराव प्रभावित इलाकों में तत्काल जल निकासी सुनिश्चित की जाए और मानसून के दौरान बार-बार पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
नारंग ने कहा कि बारिश हर साल होती है, लेकिन हर साल जलभराव के वही पुराने दृश्य दोहराए जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार और निगम की तैयारियां दावों तक सीमित हैं। अब जनता को जवाब चाहिए।
