करोल बाग में राहगीरी दिवस से गूंजा स्वच्छ-सुरक्षित दिल्ली का संदेश
300 से अधिक नागरिकों ने लिया हिस्सा, 100-150 स्कूली छात्रों ने साइकिलिंग, फिटनेस और जागरूकता गतिविधियों में दिखाया उत्साह
नई दिल्ली, 9 अगस्त। सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और कचरा पृथक्करण को लेकर दिल्ली नगर निगम ने रविवार को करोल बाग क्षेत्र में राहगीरी दिवस का आयोजन किया। डीएलएफ मिडटाउन प्लाजा, शिवाजी महाराज मार्ग, करमपुरा औद्योगिक क्षेत्र, मोती नगर में आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर स्वच्छ और सुरक्षित दिल्ली के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्रों की भागीदारी रही।

युवाओं को जोड़ा, साइकिलिंग और फिटनेस गतिविधियां हुईं
सेंट्रल जोन (करोल बाग) के उपायुक्त दिलखुश मीणा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में राहगीरी फाउंडेशन और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान साइकिलिंग, फिटनेस गतिविधियां, इंटरैक्टिव गेम्स और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। करीब 100 से 150 स्कूली छात्रों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
सड़क सुरक्षा के साथ स्वच्छता पर जोर
राहगीरी दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वच्छता और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के प्रति उनकी भागीदारी बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और कचरे को खुले में नहीं फेंकने का संदेश दिया गया।
घर से ही शुरू हो कचरे का पृथक्करण
एमसीडी ने नागरिकों से स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण करने की अपील की। अधिकारियों ने जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को समझाया कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खास संदेश
“जल्दबाजी में कचरा न फेंकें, कचरे को अलग-अलग करें”

कार्यक्रम में इस संदेश को प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाया गया। एमसीडी ने नागरिकों से कचरा पृथक्करण और उसके जिम्मेदार निस्तारण को रोजमर्रा की आदत बनाने की अपील की।स्वच्छ हवा और स्वस्थ दिल्ली के लिए नागरिक भागीदारी जरूरी आयोजन के जरिए युवाओं और छात्रों को स्वच्छ सड़कें, स्वच्छ हवा और स्वस्थ दिल्ली के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। निगम ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
