मेयर प्रवेश वाही का बड़ा एक्शन: सफाई व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, निगमकर्मियों और मशीनरी को मजबूत करने पर जोर
डीबीसी कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी से लेकर 135 इलेक्ट्रिक सैनिटेशन वाहनों तक—दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए एमसीडी का व्यापक अभियान शुरू
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही ने राजधानी की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों को गति दी है। मेयर के नेतृत्व में निगम ने सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ आधुनिक मशीनरी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं।
मेयर प्रवेश वाही ने डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) कर्मचारियों के मानदेय को 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 27 हजार रुपये करने की पहल को निगम की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। इससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में जुटे जमीनी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।
135 इलेक्ट्रिक सैनिटेशन वाहन बनेंगे निगम की नई ताकत
दिल्ली की सड़कों और गलियों में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए निगम ने 135 इलेक्ट्रिक सैनिटेशन वाहनों को व्यवस्था में शामिल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इन वाहनों से प्रदूषण कम करने के साथ सफाई कार्यों को तेज और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा असर दिल्ली की सड़कों, बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देना चाहिए।
दो महीने का विशेष स्वच्छता अभियान
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव, कचरा और मच्छरजनित बीमारियों की चुनौती को देखते हुए 1 अगस्त से दो महीने के विशेष स्वच्छता अभियान पर भी जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित सफाई, कूड़े के ढेर हटाने, नालियों की सफाई और मच्छर प्रजनन स्थलों की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।
‘सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
मेयर प्रवेश वाही ने साफ संकेत दिया है कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनका जोर निगम की मशीनरी को सक्रिय करने, सफाई कर्मचारियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने और फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर है।
मेयर की प्राथमिकता स्पष्ट है—संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, सफाई कर्मचारियों को सम्मान और दिल्लीवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण। आने वाले दो महीनों में विशेष स्वच्छता अभियान के जरिए निगम की कार्यप्रणाली का असर जमीन पर दिखाई देने की उम्मीद है।
