नई दिल्ली। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दिल्ली नगर निगम के मनोनीत पार्षद मनोज जैन ने देश के लाखों बुनकरों और कारीगरों के परिश्रम, कला एवं समर्पण को नमन करते हुए स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया।
मनोज जैन ने कहा कि भारतीय हैंडलूम केवल वस्त्र नहीं, बल्कि देश की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और शिल्पकला की जीवंत पहचान है। हर धागे में भारत की पहचान और हर बुनाई में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दिखाई देता है। हथकरघा क्षेत्र से जुड़े बुनकर परिवारों की मेहनत हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मनोज जैन ने कहा कि जब कोई व्यक्ति हैंडलूम उत्पाद खरीदता है तो वह सिर्फ एक वस्त्र नहीं खरीदता, बल्कि एक बुनकर परिवार की आजीविका, उसके सपनों और भारत की पारंपरिक कला को मजबूत करने में योगदान देता है।
मनोनीत पार्षद ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा दें और स्थानीय कारीगरों का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि हथकरघा को प्रोत्साहन देना आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सार्थक भागीदारी है।
केंद्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है और इसकी शुरुआत 2015 में स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से हुई थी।
