कूड़े से आजादी की जंग, साफ वार्ड को मिलेगा करोड़ों का इनाम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुरू किया स्वच्छता अभियान, 2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान; हर महीने सबसे स्वच्छ वार्ड को ₹1 करोड़, सालभर में ₹12 करोड़ तक प्रोत्साहन

नई दिल्ली, 17 अगस्त। दिल्ली को कूड़े और गंदगी से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम से ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ का शुभारंभ किया। राजधानी में यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा। सरकार ने स्वच्छता को महज सरकारी अभियान न रखकर इसे जनभागीदारी से जोड़ने और वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने की रणनीति अपनाई है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अगले 12 महीनों तक वार्ड स्तर पर स्वच्छता प्रतियोगिता कराने की घोषणा की। हर महीने सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड को एक करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकेगा और वर्षभर में एक वार्ड को 12 करोड़ रुपये तक सीएमडीएफ फंड उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। वार्डों की रैंकिंग स्वतंत्र एजेंसी की रिपोर्ट, अधिकारियों की रिपोर्ट तथा नागरिकों और सोशल मीडिया से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर तय होगी। किसी वार्ड में कूड़े की गंभीर शिकायत मिलने पर उसे प्रतियोगिता से बाहर भी किया जा सकता है।

‘फंड की कमी सफाई में बाधा नहीं बनेगी’

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को कूड़े से आजादी दिलाने के लिए केवल सफाई अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वच्छता को नागरिकों की दैनिक आदत और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता किसी एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम की आर्थिक समस्याओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है और स्वच्छता के काम में फंड की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। हालांकि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में इच्छाशक्ति, जिम्मेदारी और परिणाम देने का संकल्प भी जरूरी होगा।

कूड़े के खिलाफ ‘चार सी’ का फॉर्मूला

मुख्यमंत्री ने कूड़ा प्रबंधन के लिए कलेक्शन, क्लीनिंग, कन्वर्जन और सर्कुलर इकोनॉमी यानी चार ‘सी’ पर जोर दिया। उन्होंने स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, बेहतर कलेक्शन, वैज्ञानिक प्रसंस्करण और कचरे को संसाधन में बदलने की रणनीति पर जोर दिया। ग्रीन फ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

70 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें, हर वार्ड में लिटर पिकर

अभियान के तहत सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 70 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें, प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त लिटर पिकर वाहन और सीएंडडी वेस्ट के लिए 125 सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। 23 और 30 अगस्त तथा 6 और 13 सितंबर को झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलेगा। हर शनिवार-रविवार सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

1 से 10 सितंबर तक पार्कों से ग्रीन वेस्ट हटाया जाएगा। 17 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में विशेष स्वच्छता अभियान होगा। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सरकारी स्कूलों में ‘मेरा स्कूल, सबसे सुंदर’ प्रतियोगिता और जीरो वेस्ट कैंपस अभियान चलाया जाएगा।

हर्ष मल्होत्रा बोले—स्वच्छता को जनआंदोलन बनाना लक्ष्य

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ केवल सफाई व्यवस्था का अभियान नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में स्वच्छता को शामिल करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है और सरकार के सहयोग से निगम स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है।

आशीष सूद ने कहा—आदत और सोच बदलनी होगी

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सड़कें साफ करना नहीं, बल्कि दिल्ली की तस्वीर, नागरिकों की आदत और स्वच्छता के प्रति सोच बदलना है। उन्होंने लोगों से अपने घर की तरह मोहल्ले, पार्क, सड़क और बैकलेन की स्वच्छता की चिंता करने की अपील की।

मेयर बोले—ओखला और भलस्वा कूड़े के पहाड़ खत्म होने की कगार पर

महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली सरकार और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय से कूड़ा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ खत्म होने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक पखवाड़े तक सघन अभियान चलेगा और निगम के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था को मजबूत करेंगे।

हर दिन अलग काम, हर सप्ताह विशेष अभियान

अभियान में रोजाना कूड़ा संवेदनशील स्थलों की सफाई, सड़कों-फुटपाथों की गहन सफाई, बाजारों में रात्रिकालीन सफाई, स्कूलों में जागरूकता, पौधारोपण, गड्ढों की मरम्मत, फुटपाथ व सेंट्रल वर्ज का सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई होगी।

साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत सोमवार को अनधिकृत पोस्टर व लिखावट हटाई जाएगी, मंगलवार को सामुदायिक भवनों और पिछली गलियों की सफाई, बुधवार को रेलवे ट्रैक व रिंग रोड की सफाई, गुरुवार को थोक कचरा उत्पादकों के नियमों की जांच, शुक्रवार को कार्यालयों की सफाई और वार्ड समीक्षा तथा शनिवार को झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

स्थानीय निकायों को निगरानी और जवाबदेही के निर्देश

दिल्ली सरकार ने एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड सहित सभी संबंधित निकायों को विस्तृत कार्ययोजना के साथ अभियान लागू करने के निर्देश दिए हैं। कूड़ा संवेदनशील स्थलों की पहचान, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण, नालियों और जल निकायों की सफाई तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव पर विशेष जोर रहेगा। प्रत्येक गतिविधि का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड रखा जाएगा और प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक सोमवार को शहरी विकास विभाग को भेजनी होगी।

कार्यक्रम में मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा सहित दिल्ली सरकार, एमसीडी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।