अनधिकृत 5वीं मंजिलों पर अब चलेगा सीलिंग का डंडा, सुरक्षित दिल्ली के लिए सरकार का बड़ा फैसला
PG-हॉस्टल से लेकर आसपास की इमारतों तक होगी सघन जांच, स्ट्रक्चरल ऑडिट तेज करने पर जोर; निगम पार्षद मनोज जैन ने कहा—नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वाले अवैध निर्माण पर अब सख्ती जरूरी
नई दिल्ली, 8 सितंबर। दिल्ली में अनधिकृत रूप से बनाई गई 5वीं मंजिलों के खिलाफ तत्काल सीलिंग की कार्रवाई के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली सरकार के इस निर्णय को नागरिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए निगम पार्षद मनोज जैन ने इसका स्वागत किया है।
मनोज जैन ने कहा कि दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण लंबे समय से गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में अनधिकृत 5वीं मंजिलों के खिलाफ तत्काल सीलिंग का फैसला सिर्फ अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं, बल्कि लोगों की जान की सुरक्षा से जुड़ा सीधा कदम है।
उन्होंने कहा कि केवल पांचवीं मंजिलों को सील करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि PG, हॉस्टल और उनके आसपास मौजूद इमारतों की भी व्यापक जांच जरूरी है। संभावित रूप से कमजोर और जोखिम वाली इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट तेज किया जाना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही खतरे की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
हादसे के बाद नहीं, हादसे से पहले कार्रवाई का संदेश
मनोज जैन ने कहा कि राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर अब प्रशासन को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले लोगों के साथ-साथ नियमों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित दिल्ली के लिए जरूरी है कि निर्माण की अनुमति से लेकर मौके पर निरीक्षण और अंतिम कार्रवाई तक पूरी व्यवस्था जवाबदेह और पारदर्शी हो। यदि किसी इमारत में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए, न कि हादसा होने के बाद प्रशासन जागे।
सरकार के फैसले को बताया जनहित में बड़ा कदम
निगम पार्षद मनोज जैन ने दिल्ली सरकार के सुरक्षा-केंद्रित फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि नागरिकों का जीवन किसी भी अवैध निर्माण, व्यावसायिक लाभ या लापरवाही से बड़ा है। दिल्ली को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार, एमसीडी और संबंधित एजेंसियों को मिलकर अभियान चलाना होगा।
उन्होंने कहा कि अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ PG और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों एवं युवाओं की सुरक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
मनोज जैन ने कहा कि दिल्ली को केवल विकसित ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित दिल्ली बनाना समय की आवश्यकता है।
