केशोपुर में जागरूकता अभियान का उद्घाटन, घर-घर कूड़ा उठाने को 8 नई गाड़ियां रवाना; पुराने ढलावघरों को लाइब्रेरी में बदलने की तैयारी

डेंगू के खिलाफ सहरावत का ‘सफाई वार’

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत ने केशोपुर के वार्ड-103 में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के खिलाफ जागरूकता अभियान का उद्घाटन करते हुए नागरिकों से साफ-सफाई और मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने में निगम का सहयोग करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और रोकथाम के उपायों पर आधारित प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया।

सांसद सहरावत ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। उन्होंने कहा कि मच्छर छोटा जरूर है, लेकिन बेहद खतरनाक है और उसे पनपने से रोकने में नागरिकों की भूमिका सबसे अहम है। घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने से मच्छरों के प्रजनन पर स्रोत पर ही रोक लगाई जा सकती है।

घर-घर कूड़ा संग्रहण के लिए 8 नई गाड़ियां

स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वार्ड-103 में 8 नई कूड़ा संग्रहण गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये गाड़ियां जे.एस. एनवायरो द्वारा संचालित की जाएंगी और वार्ड में घर-घर से कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगाई गई हैं।

सांसद ने कहा कि कूड़ा निस्तारण के लिए नई तकनीक से काम करने वाली कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इससे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में और सुधार आने की उम्मीद है।

ढलावघर बनेंगे लाइब्रेरी

सहरावत ने बताया कि अगले दो महीनों में पुराने ढलावघरों की मरम्मत कर उन्हें लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे एक ओर पुराने ढलावघरों का बेहतर उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और युवाओं को पढ़ने के लिए उपयोगी स्थान मिल सकेगा।

कार्यक्रम में दिल्ली विकास प्राधिकरण के सदस्य राजीव बब्बर, पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री, वार्ड समिति अध्यक्ष एवं वार्ड-103 के पार्षद हरीश ओबरॉय, उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय कुमार, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि, निगम अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

‘पानी जमा नहीं होने दें, मच्छर रोकें’

पार्षद एवं वार्ड समिति अध्यक्ष हरीश ओबरॉय ने नागरिकों से घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग को वार्ड-103 के शेष सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों—सामुदायिक केंद्रों, मंदिरों और गुरुद्वारों आदि—में मच्छररोधी गतिविधियां और फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्वच्छता और जन स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामस्वरूप इस वर्ष पश्चिमी क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज हुई है।

उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। ड्रम, फूलों के गमले, मनी प्लांट, पानी की टंकियों और पक्षियों के पानी के बर्तनों में जमा पानी इसके प्रजनन का कारण बन सकता है। उन्होंने नागरिकों से नियमित रूप से ऐसे स्रोतों की जांच कर पानी जमा न होने देने की अपील की।