12 जोनों में चला सघन अभियान, 5 संपत्तियां सील और 29 को कारण बताओ नोटिस; पीजी भवनों के सर्वे में 2,251 इमारतें और 47 हजार निवासी चिन्हित
नई दिल्ली, 12 सितंबर। दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राजधानी में अपना सघन प्रवर्तन अभियान जारी रखा है। शनिवार को निगम के सभी 12 जोनों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 33 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, 5 संपत्तियों को सील किया गया और 29 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
एमसीडी के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य दिल्ली के मास्टर प्लान और भवन उप-नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करना तथा खतरनाक इमारतों से आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे एक दिन पहले भी निगम ने व्यापक अभियान चलाकर 25 संपत्तियों को ध्वस्त और 4 संपत्तियों को सील किया था।
नेहरू विहार से सैनिक फार्म तक कार्रवाई
नॉर्थ जोन में नेहरू विहार और गांधी विहार में विशेष रूप से खतरनाक इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। नॉर्थ वेस्ट जोन के रोहिणी सेक्टर-3 में तीसरी मंजिल की छत पर बने कमरे के ऊपर लगाए गए आरसीसी पैनल को तोड़ा गया तथा गैस कटर से उसके सुदृढ़ीकरण को काटा गया। विजय विहार और रोहिणी सेक्टर-15 व 16 में भी निगम का बुलडोजर चला।
साउथ जोन में सतबरी और सैनिक फार्म्स में कार्रवाई की गई। नॉर्थ ईस्ट जोन में भजनपुरा, सोम बाजार, साउथ गामड़ी, ईस्ट रोहतास नगर और शाहदरा में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया गया। साउथ वेस्ट जोन में द्वारका और ककरौला, वेस्ट जोन में तिहाड़ गांव, राजौरी गार्डन एक्सटेंशन और पश्चिम विहार तथा सेंट्रल जोन में जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर में प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
2,251 पीजी भवन एमसीडी के रडार पर
इसी अभियान के तहत एमसीडी ने दिल्लीभर में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों का व्यापक क्षेत्रीय सर्वेक्षण भी शुरू किया है। अब तक किए गए सर्वेक्षण में करीब 2,251 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में लगभग 47 हजार निवासी रह रहे हैं।
निगम अब सर्वेक्षण के दौरान जुटाए गए विवरणों का मिलान और संकलन कर रहा है। नियमों और विनियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संपत्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और मास्टर प्लान व भवन उप-नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निगम का कहना है कि नियमित निरीक्षण के जरिए भवन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और दिल्लीवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
