विज्ञापन विभाग का SSA अनिल खत्री रंगे हाथ गिरफ्तार, गाड़ी से लाखों की नकदी बरामद होने का दावा
बेसमेंट-2 से 25वीं मंजिल तक CBI की छानबीन; फाइलें-दराजें खंगालीं, छापे की भनक लगते ही कार्यालयों में मची भगदड़
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब CBI की करीब दो दर्जन अधिकारियों की टीम ने अचानक दबिश दे दी। कार्रवाई की शुरुआत बेसमेंट-2 से हुई और जांच टीम इसके बाद सीधे 25वीं मंजिल स्थित विज्ञापन विभाग के कार्यालय पहुंची। यहां अधिकारियों ने फाइलों, दस्तावेजों और दराजों की गहन तलाशी ली।
कार्रवाई के दौरान एमसीडी के विज्ञापन विभाग में लंबे समय से कार्यरत SSA अनिल खत्री को कथित तौर पर रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को अनिल खत्री की गाड़ी से लाखों रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। हालांकि, देर शाम तक CBI की ओर से गिरफ्तारी और बरामदगी को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
छापा पड़ा तो ‘खाली’ होने लगा विज्ञापन विभाग
CBI की कार्रवाई की भनक सिविक सेंटर की 25वीं मंजिल तक पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मचने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, विज्ञापन विभाग के कार्यालय में मौजूद कुछ अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को तत्काल वहां से जाने के लिए कह दिया। कुछ ही देर में कार्यालय में कर्मचारियों की मौजूदगी कम होती चली गई।
सवाल यह है कि आखिर CBI के पहुंचने की सूचना कार्यालय के भीतर इतनी तेजी से कैसे पहुंची और टीम के आने से पहले ही कर्मचारियों को वहां से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? इन सवालों का जवाब अब जांच के दायरे में आ सकता है।
‘उगाही’ से लेकर पोस्टिंग तक… खत्री के प्रभाव की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, अनिल खत्री को लेकर निगम के गलियारों में लंबे समय से शिकायतों और चर्चाओं का दौर रहा है। दावा किया जा रहा है कि उसके खिलाफ एमसीडी के अलावा अन्य एजेंसियों तक भी शिकायतें पहुंची थीं।
कुछ सूत्रों ने आरोप लगाया है कि खत्री कथित तौर पर निगम के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच वसूली की कड़ी के रूप में काम करता था। इतना ही नहीं, विज्ञापन और पार्किंग जैसे संवेदनशील विभागों में निचले स्तर के कर्मचारियों की तैनाती को लेकर भी उसके प्रभाव की चर्चा रही है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता CBI की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सिविक सेंटर में फिर ‘कौन अगला?’ की चर्चा
बुधवार की कार्रवाई के बाद निगम मुख्यालय में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की रही कि CBI की जांच का दायरा अब कहां तक जाएगा। क्या बरामद दस्तावेजों और नकदी से किसी बड़े नेटवर्क का सुराग मिलता है? क्या विज्ञापन विभाग के अलावा पार्किंग अथवा अन्य संवेदनशील विभाग भी जांच के दायरे में आएंगे? फिलहाल इन सवालों पर जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अफसरों में बढ़ी बेचैनी
एक कर्मचारी की गिरफ्तारी और कार्यालय में दस्तावेजों की तलाशी के बाद एमसीडी के अधिकारियों-कर्मचारियों में बेचैनी का माहौल बताया जा रहा है। खासकर उन विभागों में हलचल ज्यादा है, जहां विज्ञापन, पार्किंग, ठेके और राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण काम होते हैं।बुधवार की CBI कार्रवाई ने एक बार फिर निगम मुख्यालय में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों और शिकायतों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच टीम को तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज और साक्ष्य मिले और अनिल खत्री से पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
