पुराने संपत्ति कर बकाये पर निगम की बड़ी राहत, ‘सुनियो 2.0’ लागू

वन प्लस सेवन योजना में वर्तमान वर्ष समेत सात साल का मूल कर जमा करने पर 2019-20 से पहले के बकाये के ब्याज-जुर्माने से मिलेगी मुक्ति | 29 सितंबर से 31 दिसंबर तक मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने पुराने संपत्ति कर बकायों के निपटारे के लिए ‘संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) 2.0—वन प्लस सेवन’ लागू कर दी है। योजना के तहत संपत्ति करदाताओं को पुराने बकाये के निपटारे का अवसर दिया गया है। निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि योजना 29 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

योजना के तहत करदाताओं को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 तथा पिछले सात वित्त वर्षों 2019-20 से 2025-26 तक का मूल संपत्ति कर जमा करना होगा। इसके बाद 2019-20 से पहले के बकाये पर लगने वाले ब्याज और जुर्माने से राहत मिलेगी। निगम का कहना है कि ‘वन प्लस सेवन’ का अर्थ वर्तमान वित्त वर्ष सहित पिछले सात वित्त वर्षों से है।

पांच लाख से अधिक देनदारी पर किस्तों में भुगतान

निगम ने पांच लाख रुपये या उससे अधिक की कुल देनदारी वाले करदाताओं को भी राहत दी है। ऐसे करदाताओं को योजना की अवधि के भीतर बराबर किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी गई है। हालांकि, 31 दिसंबर 2026 तक पूरी देनदारी का भुगतान नहीं होने पर योजना का लाभ समाप्त हो जाएगा।

पुराने भुगतान की रसीद अपलोड करने की सुविधा

यदि किसी करदाता ने 2019-20 से पहले के वर्षों का संपत्ति कर पहले ही जमा किया है और उसके पास भुगतान की रसीद उपलब्ध है, तो वह उसे निगम के पोर्टल पर अपलोड कर सकता है। एक ही संपत्ति के लिए एक से अधिक यूपीआईसी होने की स्थिति में उन्हें ऑनलाइन एक करने की सुविधा भी दी गई है। विवरणी दाखिल करने और भुगतान पूरा होने के बाद कर रसीद स्वत: जारी होगी।

अदालत में लंबित मामलों के लिए भी विकल्प

संपत्ति कर से संबंधित मामला अदालत में लंबित होने की स्थिति में भी करदाता निर्धारित शर्तों के तहत योजना का लाभ ले सकेंगे। इसके लिए लंबित मुकदमा वापस लेने और अदालत में जमा अथवा निगम द्वारा वसूल की गई राशि पर भविष्य में वापसी, समायोजन या अन्य दावा नहीं करने का लिखित वचन देना होगा।

2027-28 में निगम करेगा विवरणियों की जांच

योजना के तहत दाखिल संपत्ति कर विवरणियों की जांच निगम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2028 के बीच करेगा। जांच में कम भुगतान पाए जाने पर अंतर राशि के साथ 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। गलत तरीके से दाखिल विवरणी को योजना समाप्त होने या विवरणी दाखिल करने के दो महीने के भीतर, जो भी पहले हो, सुधारा जा सकेगा।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने करदाताओं से अपील की कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने संपत्ति कर खाते की जांच करें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान कर योजना का लाभ उठाएं।

बकायेदारों को मैसेज, आरडब्ल्यूए और बाजार संगठनों के साथ अभियान

योजना की जानकारी अधिक से अधिक करदाताओं तक पहुंचाने के लिए निगम बकायेदारों को संदेश भेजेगा। इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और अन्य संबंधित संगठनों के साथ जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

सरकारी संपत्तियां योजना से बाहर

सुनियो 2.0 का लाभ केंद्र एवं राज्य सरकार, रेलवे, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त एवं वैधानिक निकाय, सरकारी स्कूल-कॉलेज, प्राधिकरण, निगम तथा अन्य सरकारी विभागों की संपत्तियों को नहीं मिलेगा।

जो करदाता योजना के तहत अपने बकाये का निपटारा नहीं करेंगे, उनसे निगम सामान्य नियमों के अनुसार संपत्ति कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली करेगा। जरूरत पड़ने पर संपत्ति, बैंक खाते अथवा किराये की आय की कुर्की जैसी वसूली कार्रवाई भी की जा सकती है।