हरियाणा? नहीं, दिल्ली में हत्या के प्रयास का मामला सुलझा, पिता-पुत्र गिरफ्तार

साढ़े तीन हजार रुपये के विवाद में एमसीडी कर्मचारी पर धारदार हथियार से हमला, वारदात के दो घंटे के भीतर पुलिस ने दबोचे आरोपी

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर।उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले को सुलझाते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने पैसों के विवाद में एक एमसीडी कर्मचारी पर धारदार हथियार से हमला किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। मामले में एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे सबोली खड्डा पार्ट-2 स्थित गली नंबर-1, गुल्लू के मंदिर के पास एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि घायल को उसका दोस्त जीटीबी अस्पताल ले जा चुका है। घायल की पहचान 34 वर्षीय आशीष के रूप में हुई, जो एमसीडी कर्मचारी है।

घायल ने पुलिस को बताया कि वह अपने सहकर्मी सोनू सागर के साथ बैठा था। इसी दौरान प्रताप सिंह के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर प्रताप सिंह का 26 वर्षीय बेटा आशीष और उसका एक पोता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद घायल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि विवाद की वजह 3,500 रुपये थे। पुलिस के मुताबिक, प्रताप सिंह ने अपने बेटे राहुल को एमसीडी में नौकरी दिलाने के सिलसिले में सोनू सागर को कथित तौर पर यह रकम दी थी। प्रताप सिंह को संदेह था कि सोनू सागर ने पैसे अपने पास रख लिए हैं। इसी रकम को वापस मांगने को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया।

हर्ष विहार थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर संख्या 320/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1)/3(5) में मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी निरीक्षक तेज दत्त गौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपियों की पहचान की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 54 वर्षीय प्रताप सिंह और उसके 26 वर्षीय बेटे आशीष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

पुलिस टीम: थाना प्रभारी तेज दत्त गौड़ के नेतृत्व में उपनिरीक्षक दीपांशु, सहायक उपनिरीक्षक आशीष तथा हेड कांस्टेबल रोहित, अंकित, राहुल मलिक और शरद शामिल रहे। पूरी कार्रवाई एसीपी नंद नगरी गौरव कुमार त्रिपाठी की निगरानी में की गई।