नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आह्वान पर रविवार को वजीराबाद स्थित रामघाट पर ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत आयोजित सफाई अभियान में श्रमदान किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों को यमुना की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए नदी को साफ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर नागरिकों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया।

महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि यमुना की स्थायी स्वच्छता तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अभियान के दिन ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन नदी की निर्मलता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने सफाई अभियान में भाग लेने वाले स्थानीय निवासियों, निगम के सफाई कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और सहभागी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि देशवासियों की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इसकी स्वच्छता और संरक्षण प्रत्येक दिल्लीवासी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार यमुना के जल को स्वच्छ बनाने के लिए अनेक प्रयास कर रही है, जबकि पिछली सरकारों ने नदी की सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

महापौर ने कहा कि मां यमुना के प्रति सच्ची श्रद्धा उसके संरक्षण और देखभाल से प्रदर्शित होती है। फूल, पूजा सामग्री और प्लास्टिक जैसी वस्तुओं को नदी में डालने से बचना तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता संबंधी आदतें अपनाना यमुना को साफ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों से स्वच्छ एवं निर्मल यमुना का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सफाई अभियान में योगदान देने वाले यमुना प्रहरियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने यमुना में किसी भी प्रकार का कचरा नहीं डालने और नदी को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। महापौर ने कहा कि ‘मेरी यमुना, मेरी जिम्मेदारी’ जैसे अभियान नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

कार्यक्रम में पार्षद जनता देवी, योगेश राणा और दिनेश भारद्वाज, पूर्व पार्षदों, उत्तरी क्षेत्र की उपायुक्त श्वेता नागरकोटी, निगम के स्वच्छता कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
