दिल्ली में घर बैठे शराब पहुंचाने की तैयारी पर अंकुश नारंग का भाजपा पर तीखा हमला

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में घर बैठे शराब मंगाने की सुविधा शुरू किए जाने की चर्चा ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए उसकी नशामुक्ति नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब केंद्र सरकार देश को नशामुक्त बनाने की बात करती है, तो दिल्ली में शराब की उपलब्धता को और आसान बनाने की दिशा में कदम उठाने की चर्चा क्यों हो रही है?

अंकुश नारंग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश को नशामुक्त बनाने के लिए बड़े-बड़े संकल्प और भाषण देते हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में घर बैठे शराब मंगाने की सुविधा देने की तैयारी की चर्चा सामने आ रही है। उन्होंने इसे भाजपा की कथनी और करनी के बीच विरोधाभास बताते हुए सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

नारंग ने सवाल किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को नशे से दूर रखना है या शराब तक उनकी पहुंच को और सुविधाजनक बनाना? उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे परिवारों के लिए यह विषय बेहद गंभीर है। ऐसे में सरकार को किसी भी नई व्यवस्था के सामाजिक प्रभावों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

आप नेता ने भाजपा की कथित चार इंजन वाली सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि शराब की घर तक आपूर्ति की व्यवस्था के पीछे सरकार की नीति क्या है। क्या इस कदम से शराब की उपलब्धता बढ़ेगी? युवाओं और परिवारों पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर क्या आकलन किया गया है? सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

इस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में नशामुक्ति, शराब की उपलब्धता और सरकार की जवाबदेही को लेकर बहस तेज करने का आधार दिया है। अंकुश नारंग ने भाजपा से पूछा है कि वह नशामुक्त भारत के अपने संकल्प और दिल्ली में शराब की आसान उपलब्धता से जुड़ी चर्चा के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित करेगी।