जनगणना केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का वास्तविक आईना है : नाजिया दानिश
नई दिल्ली
देश में आगामी जनगणना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस नेत्री नाजिया दानिश ने जनगणना को लोकतंत्र और विकास की बुनियाद बताते हुए केंद्र सरकार से पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।
नाजिया दानिश ने कहा कि जनगणना केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का वास्तविक आईना होती है। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं की योजनाएं तैयार करती हैं। इसलिए जनगणना में किसी भी तरह की लापरवाही देश के विकास को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत की जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें करोड़ों लोगों का डेटा जुटाया जाता है। केंद्र सरकार ने 2027 की जनगणना को डिजिटल स्वरूप में कराने की तैयारी की है।
कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि पिछली जनगणना में हुई देरी के कारण कई सरकारी योजनाओं और संसाधनों के वितरण पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक आबादी, बेरोजगारी, पलायन और सामाजिक स्थिति के सही आंकड़े सामने आना बेहद जरूरी है, ताकि नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुसार बनाई जा सकें।
नाजिया दानिश ने लोगों से भी अपील की कि वे जनगणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र और बेहतर विकास के लिए सटीक जनगणना बेहद आवश्यक है।
