अब भाजपा सरकार एमसीडी स्कूलों को मर्ज कर रही है, ताकि खाली बिल्डिंग में आरोग्य मंदिर खोल सके – अंकुश नारंग
शिक्षा निदेशालय ने एमसीडी स्कूलों को आरोग्य मंदिर में बदल कर हाईकोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया - अंकुश नारंग
नई दिल्ली, 21 मई 2026
आम आदमी पार्टी का वरिष्ठ नेता और दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निगम का स्कूलों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने फर्जीवाड़ा कर एमसीडी के 48 स्कूलों को बंद करके उसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोल दिया है। जबकि हाईकोर्ट का साफ आदेश है कि शिक्षा के लिए आवंटित जमीन किसी दूसरे कार्य में इस्तेमाल नहीं हो सकती। शिक्षा निदेशालय ने एमसीडी स्कूलों को आरोग्य मंदिर में बदल कर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि अब एमसीडी स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है ताकि खाली बिल्डिंग में आरोग्य मंदिर खोल सके। दिल्लीवालों को भाजपा से प्राइमरी एजुकेशन अच्छा करने की उम्मीद थी, लेकिन वह तो स्कूल ही बंद कर रही है।
गुरुवार को सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय से प्रेस वार्ता कर एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी के शिक्षा विभाग का भ्रष्टाचार आम आदमी पार्टी लगातार उजागर करती आई है। अब एमसीडी के शिक्षा विभाग ने एक नई धांधली शुरू कर दी है। हाल ही के कुछ ऑर्डर्स से पता चलता है कि एमसीडी स्कूलों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील कर दिया गया है।
अंकुश नारंग ने बताया कि एमसीडी के ऐसे 48 स्कूल हैं जिन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिर को दे दिया गया है। हमें उम्मीद थी कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार में एमसीडी के अंदर शिक्षा का स्तर अच्छा होगा और बच्चों को पहले से बेहतर शिक्षा मिलेगी। एमसीडी का काम प्राइमरी एजुकेशन देना है, लेकिन इन्होंने 48 स्कूलों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील कर दिया है और इसके लिए शिक्षा निदेशक सीधे तौर पर एनओसी देते हैं।
अंकुश नारंग ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के लिए हाई कोर्ट के ऑर्डर हैं, जिनमें साफ लिखा है कि जो जमीन शिक्षा के लिए दी गई है, उसका इस्तेमाल केवल शिक्षा के उद्देश्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। जब एमसीडी के प्राइमरी स्कूलों की जमीन का इस्तेमाल सिर्फ शिक्षा के लिए हो सकता है, तो फिर शिक्षा निदेशक ने इस जमीन को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील क्यों कर दिया? हाई कोर्ट के ऑर्डर होने के बाद भी एमसीडी ने नियमों को ताक पर रखते हुए स्कूलों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्यों बदल दिया?
अंकुश नारंग ने कहा कि अभी तो यह सिर्फ 48 स्कूल हैं, लेकिन भाजपा की रणनीति और शिक्षा निदेशक की मिलीभगत से काफी सारे एमसीडी स्कूलों को आपस में मर्ज करने की तैयारी चल रही है। स्कूलों को मर्ज करने से बिल्डिंग खाली होंगी और फिर से धांधली करके उन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील कर दिया जाएगा। भाजपा, एमसीडी का शिक्षा विभाग और शिक्षा निदेशक से यह सवाल है कि जब हाई कोर्ट का ऑर्डर था, तो उसे दरकिनार कर स्कूलों को बेहतर करने के बजाय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्यों बदल दिया गया? स्कूलों को मर्ज करके उन्हें क्यों बंद किया जा रहा है?
अंकुश नारंग ने आगे कहा कि दिल्ली के जितने भी गरीब बच्चे एमसीडी स्कूलों पर निर्भर हैं, उनके एडमिशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि एमसीडी स्कूलों को बंद करके वहां कुछ और बना दिया जाए। 48 स्कूलों को पहले ही तब्दील किया जा चुका है और अब आगे स्कूलों का मर्जर किया जा रहा है। शिक्षा निदेशक यह सब सिर्फ इसलिए कर रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने उनके नंबर बन सकें।
