नई दिल्ली।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नेत्री नाज़िया दानिश ने दिल्ली में सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार और एमसीडी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा एक सरकारी स्कूल के सामने जमा कूड़ा न हटाने के मामले में एमसीडी कमिश्नर को नोटिस जारी किया जाना भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की बड़ी प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है।
नाज़िया दानिश ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि राजधानी के सरकारी स्कूलों के बाहर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और स्कूली बच्चों को गंदगी, बदबू और अस्वस्थ माहौल के बीच पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान होने चाहिए, न कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण बने कूड़ाघर।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमसीडी को अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।
नाज़िया दानिश ने कहा कि यह मामला केवल एक स्कूल या एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दिल्ली में फैली बदहाल सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा बार-बार “स्वच्छ दिल्ली” के दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि राजधानी के कई इलाकों में कूड़े के ढेर और गंदगी आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार के शहरी घोषणापत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “100 प्रतिशत कचरा प्रोसेसिंग” और “वेस्ट टू वेल्थ” जैसी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। जबकि दिल्ली में भाजपा की सरकार को एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन जनता को अब तक स्वच्छ और व्यवस्थित दिल्ली नहीं मिल सकी है।
नाज़िया दानिश ने मांग की कि एमसीडी और भाजपा सरकार तुरंत सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करे तथा स्कूलों और रिहायशी इलाकों के आसपास जमा कूड़े को हटाकर नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
