मालवीय नगर अग्निकांड पर भाजपा सरकार घिरी, गोवा हादसे से सबक न लेने का आरोप

नई दिल्ली, 4 जून 2026: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने मालवीय नगर अग्निकांड को भाजपा शासित एमसीडी की लापरवाही, प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने गोवा अग्निकांड के बाद ही दिल्ली में फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं लिया।

अंकुश नारंग ने कहा कि उन्होंने दिसंबर 2025 में एमसीडी मेयर और निगम आयुक्त को पत्र लिखकर राजधानी में फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा की व्यापक जांच कराने की मांग की थी। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसका परिणाम मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के रूप में सामने आया, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि मालवीय नगर स्थित होटल और रेस्टोरेंट में स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी की गई, लेकिन संबंधित विभागों और अधिकारियों ने आंखें मूंदे रखीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब चल रहा था।

नारंग ने कहा कि यह हादसा कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की भवन अनुमति प्रक्रिया, निरीक्षण व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा अनुपालन तंत्र पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

उन्होंने मांग की कि मालवीय नगर अग्निकांड की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका इस मामले में सामने आए, उन्हें तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने भवन अनुमति, निरीक्षण और फायर सेफ्टी मंजूरी से जुड़े मामलों की विजिलेंस जांच कराने की भी मांग की।

अंकुश नारंग ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही मृतकों के परिजनों को न्याय, उचित मुआवजा और त्वरित राहत प्रदान की जाए।

उन्होंने कहा कि मालवीय नगर अग्निकांड ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। जनता अब केवल स्पष्टीकरण नहीं, बल्कि जवाबदेही और ठोस कार्रवाई चाहती है। नारंग ने मांग की कि इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एमसीडी मेयर अपने पद से इस्तीफा दें और पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराई जाए।