नई दिल्ली। नवगठित कॉकरोच पार्टी ने अपने शुरुआती कार्यक्रमों में अच्छी भीड़ जुटाकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। पार्टी के कार्यक्रमों में समर्थकों का उत्साह और जोश देखने को मिला, जिसे राजनीतिक विश्लेषक एक सकारात्मक शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
पार्टी के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके लगातार “जय भीम” का नारा देकर यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि उनकी राजनीति अंबेडकरवादी विचारधारा के इर्द-गिर्द केंद्रित होगी। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि पार्टी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाती है या फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पारंपरिक सामाजिक न्याय वाले राजनीतिक एजेंडे में हिस्सेदारी की कोशिश करती है।
फिलहाल पार्टी का फोकस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों तथा धांधलियों के मुद्दे पर दिखाई दे रहा है। पार्टी इन मुद्दों को लेकर युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि अभी पार्टी के बारे में अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी। जैसे-जैसे संगठन का विस्तार होगा, नए लोग जुड़ेंगे और पार्टी अपनी नीतियों व कार्यक्रमों को स्पष्ट करेगी, वैसे-वैसे उसके वास्तविक राजनीतिक एजेंडे और दिशा की तस्वीर भी साफ होती जाएगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विपक्षी दलों को भी इस नई राजनीतिक ऊर्जा पर नजर रखनी चाहिए और यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि इसका व्यापक विपक्षी राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल कॉकरोच पार्टी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर राजनीतिक चर्चा में जगह जरूर बना ली है।
