नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर नेताओं के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के भीतर की खींचतान अब सार्वजनिक रूप लेती दिखाई दे रही है। वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पूनम भारद्वाज और अशोक विहार वार्ड की निगम पार्षद वीना असीजा के बीच कथित ‘थप्पड़ कांड’ को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
बताया जा रहा है कि किसी स्थानीय कार्यक्रम के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित रूप से हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पार्टी संगठन ने भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।
घटना को लेकर भाजपा के अंदरूनी हलकों में असहजता देखी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा की बात करती है, ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं संगठन की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि घटना को 36 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व की ओर से अब तक किसी जांच समिति के गठन या अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत नहीं मिला है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी इस मामले को किस तरह से देख रही है और क्या दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कोई कदम उठाया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संगठन स्तर पर रिपोर्ट मांगी जा सकती है। फिलहाल भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है तथा विपक्ष को भाजपा पर निशाना साधने का अवसर मिल सकता है।
