नई दिल्ली, 15 जुलाई। सहयोग दिल्ली (पंजीकृत) के अध्यक्ष मनोज कुमार जैन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जनहित का सुझाव भेजते हुए रक्त संबंधियों तथा पति-पत्नी के बीच संपत्ति के उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) और पंजीकरण शुल्क को पूर्णतः समाप्त करने अथवा नाममात्र करने की मांग की है। इस संबंध में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सुगम जीवन”, “न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन” तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प के अनुरूप दिल्ली में भी पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में उपहार विलेख पर लगभग सात प्रतिशत मुद्रांक शुल्क तथा एक प्रतिशत पंजीकरण शुल्क देना पड़ता है, जिससे परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर पहले से ही बड़ी राहत दी जा चुकी है, इसलिए दिल्ली के लाखों परिवारों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि रक्त संबंधियों तथा पति-पत्नी के बीच संपत्ति के उपहार विलेख पर मुद्रांक शुल्क और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह समाप्त किया जाए अथवा केवल सांकेतिक शुल्क रखा जाए। इसके लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक संशोधन भी शीघ्र किए जाएं।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि इस निर्णय से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा, संपत्तियों का वैधानिक हस्तांतरण आसान बनेगा, अनावश्यक न्यायिक विवादों में कमी आएगी और सरकार के प्रति नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार इस जनहितकारी सुझाव पर सकारात्मक निर्णय लेकर लाखों परिवारों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।
