युवाओं के आंदोलन के आगे झुकी मोदी सरकार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों की ऐतिहासिक जीत: आम आदमी पार्टी

नई दिल्ली, 25 जुलाई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे देश के छात्रों और युवाओं के ऐतिहासिक संघर्ष की जीत बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार मोदी सरकार को किसी जनआंदोलन के दबाव में झुकना पड़ा है और यह देश की युवा शक्ति की बड़ी जीत है।

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केवल दो आंदोलनों के सामने मोदी सरकार को झुकना पड़ा है—पहला किसान आंदोलन और दूसरा छात्रों-युवाओं का यह आंदोलन। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कई अधिकारियों की बर्खास्तगी युवाओं के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि है। उनका आरोप था कि मोदी सरकार ने हर आंदोलन को लाठी-डंडों के बल पर दबाने की कोशिश की, लेकिन इस बार देश के युवाओं ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के छात्रों द्वारा अहंकार पर लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब शिक्षा सुधार के व्यापक अभियान का आधार बनेगा और आने वाले वर्षों में इसे देश में शिक्षा क्रांति की नींव के रूप में याद किया जाएगा।

दिल्ली के पूर्व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि छात्रों ने भीषण गर्मी, बारिश और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखा, जिसके चलते अंततः केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और युवाओं की जीत बताया।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस सरकार को अपने मंत्रियों के इस्तीफा न देने का घमंड था, उसे देश की जेन-जी ने तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर देशविरोधी होने सहित कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन युवाओं ने हार नहीं मानी और अंततः शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि देश की युवा शक्ति ने यह साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक संघर्ष के आगे सत्ता का अहंकार टिक नहीं सकता। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश के युवाओं की जीत है।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष ने सरकार को जवाब देने पर मजबूर कर दिया। वहीं, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि देश की जेन-जी ने साबित कर दिया कि संगठित युवा किसी भी सत्ता के अहंकार को झुका सकते हैं।

आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, शिक्षा सुधार और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आधार बनेगा।