यूबीबीएल के अनुरूप नए फायर सेफ्टी नियम लागू, हर भवन में आधुनिक सुरक्षा इंतजाम होंगे अनिवार्य
दिल्ली में अब आग से सुरक्षा के नियम और सख्त
नई दिल्ली, 29 अगस्त। दिल्ली में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए गए हैं। उपराज्यपाल द्वारा दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम, 2007 के तहत जारी इन नियमों को यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज (यूबीबीएल) के अपडेटेड प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है।
फायर ब्रिगेड की राह में अब नहीं चलेगी रुकावट
नए नियमों में फायर इंजनों की आवाजाही के लिए कम से कम छह मीटर का स्पष्ट एक्सेस रूट सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही भवनों में स्प्रिंकलर सिस्टम, ऑटोमेटेड कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग और आपातकालीन पावर बैकअप जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य सुरक्षा उपायों का हिस्सा होंगी।
ऑडिट में मनमानी पर भी लगेगी लगाम
फायर सेफ्टी ऑडिट को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मानकीकृत ऑडिटर निरीक्षण चेकलिस्ट लागू की जाएगी। इससे भवनों की सुरक्षा जांच में एक समान प्रक्रिया अपनाने और नियमों के अनुपालन की निगरानी को मजबूत करने का दावा किया गया है।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों के जरिए दिल्ली के भवनों में आधुनिक और अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य राजधानी को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और आपदा-रोधी बनाना है।
