बजट भाषण में पक्का करने का ऐलान, महीनों बाद भी अमल नहीं—विपक्ष ने स्थायी समिति चेयरमैन सत्या शर्मा से पूछा, आखिर कहां अटकी फाइल?

375 बेलदारों को पक्का करने का वादा अब तक अधूरा क्यों?

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के 375 बेलदारों को नियमित करने का मुद्दा बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में जोरदार तरीके से उठा। बजट भाषण में इन बेलदारों को पक्का करने की घोषणा के बावजूद आज तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर विपक्ष ने निगम प्रशासन और स्थायी समिति की चेयरमैन सत्या शर्मा से जवाब मांगा।

विपक्ष ने सवाल दागा कि जब बजट में बाकायदा 375 बेलदारों को पक्का करने की बात कही गई थी, तो घोषणा के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? इन कर्मचारियों की नियमितीकरण संबंधी फाइल किस स्तर पर लंबित है और उन्हें उनका हक देने में देरी की वजह क्या है?

बजट में वादा, जमीन पर इंतजार

विपक्ष का कहना है कि बेलदार निगम के जमीनी कामकाज का अहम हिस्सा हैं। लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में बजट भाषण में की गई घोषणा के बाद भी कार्रवाई नहीं होना निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

विपक्ष ने चेयरमैन से फाइल की मौजूदा स्थिति, अब तक हुई कार्रवाई और नियमितीकरण की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही कहा कि कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय अब उनके हक में फैसला जमीन पर दिखाई देना चाहिए।‘घोषणा नहीं, अब चाहिए फैसला’

विपक्ष ने दो टूक कहा कि 375 बेलदारों का मामला सिर्फ बजट भाषण की घोषणा बनकर नहीं रहना चाहिए। यदि निगम ने उन्हें पक्का करने का वादा किया है तो उस वादे को पूरा करने की जिम्मेदारी भी निगम की है। बैठक में विपक्ष ने मांग उठाई कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाकर बेलदारों को नियमितीकरण का लाभ दिया जाए।

अब बड़ा सवाल यही है—बजट में घोषणा के बाद भी 375 बेलदार अपने हक के लिए आखिर कब तक इंतजार करेंगे?