मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ निगम का मोर्चा, मुकुंदपुर में चला जागरूकता अभियान

गुलाब सिंह राठौर बोले—डेंगू-मलेरिया से लड़ाई केवल निगम की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी; घर-घर सावधानी से बनेगा सुरक्षित दिल्ली का माहौल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम दिल्ली के जन स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मुकुंदपुर पार्ट-2 स्थित सप्रेम वाटिका, गोपाल चौक में एंटी डेंगू एवं एंटी मलेरिया माह के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी हासिल की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल लाइंस/नॉर्थ जोन के चेयरमैन गुलाब सिंह राठौर रहे, जबकि सिविल लाइंस जोन की डिप्टी कमिश्नर श्वेता नागरकोटी, आईएएस विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लोगों को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया।

‘सिर्फ फॉगिंग से नहीं रुकेगा डेंगू, लोगों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुलाब सिंह राठौर ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम लगातार अपने स्तर पर कार्य कर रहा है, लेकिन मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि घरों, दुकानों, गलियों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने दिया जाए तो मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की नियमित जांच करें और कूलर, गमले, पानी की टंकियों, छतों तथा ऐसे सभी स्थानों पर विशेष ध्यान दें जहां पानी जमा हो सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बीमारी का बड़ा कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक परिवार को सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने आसपास संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच अवश्य करनी चाहिए।

राठौर ने कहा कि डेंगू-मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को जनअभियान बनाना होगा। निगम की टीमें अपने स्तर पर निरीक्षण, जागरूकता और मच्छर नियंत्रण संबंधी गतिविधियां कर रही हैं, लेकिन नागरिक यदि अपने घर और आसपास के क्षेत्र को मच्छर प्रजनन स्थलों से मुक्त रखने का संकल्प लें तो अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे निगम के स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें और मच्छरों के प्रजनन की संभावना वाले स्थानों की जानकारी संबंधित विभाग को दें।

डिप्टी कमिश्नर ने सावधानी को बताया सबसे बड़ा बचाव

विशेष अतिथि एवं सिविल लाइंस जोन की डिप्टी कमिश्नर श्वेता नागरकोटी, आईएएस ने भी नागरिकों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए नियमित सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में लोगों की जागरूकता और समय रहते उठाए गए छोटे-छोटे कदम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पानी की टंकियों को ढककर रखें, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें तथा घर और आसपास किसी भी स्थान पर लंबे समय तक पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीमों के साथ स्थानीय लोगों का सहयोग बीमारी की रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत करेगा।

जन स्वास्थ्य विभाग ने बताए मच्छर से बचाव के उपाय

कार्यक्रम के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों को डेंगू एवं मलेरिया के कारण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि मच्छरों की रोकथाम के लिए केवल घर के अंदर ही नहीं, बल्कि घर के आसपास भी विशेष निगरानी जरूरी है।

लोगों को कूलर, गमले, पुराने टायर, खाली डिब्बे, कबाड़, छतों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई। साथ ही नालियों और खाली प्लॉटों में पानी जमा होने की स्थिति में संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की गई।

स्थानीय स्तर पर बढ़ाई जाएगी जागरूकता

निगम अधिकारियों ने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ अभियान को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय लगातार जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी देने और उन्हें अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी निगम के अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। नागरिकों से अपील की गई कि यदि किसी क्षेत्र में पानी जमा है या मच्छरों के प्रजनन की स्थिति दिखाई देती है तो इसकी जानकारी तत्काल निगम के संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाए।

‘घर साफ तो मोहल्ला सुरक्षित, मोहल्ला सुरक्षित तो दिल्ली सुरक्षित’

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की शुरुआत घर से ही होती है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर और आसपास सफाई रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने की जिम्मेदारी निभाए तो पूरे क्षेत्र को मच्छरों के प्रजनन से सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक रहने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। निगम पदाधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी, जागरूकता और नियमित सावधानी के जरिए ही मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण कायम किया जा सकता है।