नकली रेबीज वैक्सीन मामले पर नाज़िया दानिश ने सरकार को घेरा

दिल्ली के अस्पतालों में वैक्सीन की कमी के कारण नकली दवाओं के कारोबार को बढ़ावा मिलने का आरोप

नई दिल्ली, 24 सितंबर। दिल्ली में नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट पकड़े जाने के मामले को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के बयान का समर्थन करते हुए निगम में विपक्ष की नेता नाज़िया दानिश ने कहा कि लोगों की जिंदगी से जुड़े इस गंभीर मामले में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

नाज़िया दानिश ने कहा कि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन का नकली पाया जाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है और मरीज मजबूरी में बाहर से वैक्सीन खरीदते हैं, तो नकली दवाओं का नेटवर्क लोगों की मजबूरी का फायदा उठा सकता है।

उन्होंने कहा कि नकली वैक्सीन की 481 यूनिट बरामद होना केवल दवा की जब्ती का मामला नहीं, बल्कि दवा की सप्लाई चेन और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि नकली वैक्सीन दिल्ली में किन माध्यमों से पहुंची और इसके पीछे कौन लोग तथा एजेंसियां सक्रिय हैं।

नाज़िया दानिश ने मांग की कि नकली दवाओं की बिक्री या सप्लाई में शामिल पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनके लाइसेंस की भी जांच की जाए। साथ ही अस्पतालों और दवा एजेंसियों तक पहुंचने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता और सप्लाई चेन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि रेबीज के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार को तत्काल सरकारी अस्पतालों में रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को प्रमाणित एवं सुरक्षित वैक्सीन ही मिले।

नाज़िया दानिश ने दिल्ली सरकार से नकली दवाओं के कथित नेटवर्क की जांच कराकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने और पूरी सप्लाई चेन को सामने लाने की मांग की।