वार्ड-77 में कथित भ्रष्टाचार पर पार्षद ने खोला मोर्चा, मेयर से उच्चस्तरीय जांच की मांग

जनरल ब्रांच और लाइसेंस विभाग पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप, अधिकारियों पर मिलीभगत और बदनाम करने की साजिश का भी दावा

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के वार्ड-77 में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और रेहड़ी-पटरी से जुड़े मामलों को लेकर निगम पार्षद किरण बाला ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षद ने मेयर को लिखित शिकायत देकर सिटी एसपी जोन की जनरल ब्रांच और लाइसेंस विभाग की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिकायत के अनुसार, जनरल ब्रांच के स्टोर से सामान उठाए जाने पर कथित तौर पर रसीद नहीं दी जाती और लाइसेंस विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से स्टोर के सामान के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। पार्षद ने वार्ड में कुछ कर्मचारियों की लंबे समय से संवेदनशील पदों पर तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से वसूली का आरोप

किरण बाला ने आरोप लगाया कि वार्ड में रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से कथित तौर पर दो से पांच हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के माध्यम से अवैध रेहड़ियां लगवाई जा रही हैं, जबकि वेंडिंग सर्टिफिकेट रखने वाले कारोबारियों को भी कथित रूप से परेशान किया जाता है।

पार्षद ने शिकायत में डीसी कनिका, एसी मनीष कुमार और लाइसेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र डबास पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। माता सुंदरी रोड का हवाला देते हुए उन्होंने कथित तौर पर लाखों रुपये की अवैध वसूली और कार्रवाई अथवा स्थानांतरण का डर दिखाकर रकम मांगने का दावा किया है।

कार्रवाई के नाम पर पार्षद का नाम लेने का आरोप

शिकायत का एक प्रमुख हिस्सा पार्षद को कथित तौर पर बदनाम करने की साजिश से जुड़ा है। किरण बाला का आरोप है कि जब निगम अधिकारी अवैध कब्जों या रेहड़ी-पटरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जाते हैं तो जनता के बीच यह कहा जाता है कि कार्रवाई पार्षद के निर्देश पर हो रही है।

शिकायत में क्षेत्रीय विधायक आले मोहम्मद इकबाल का भी उल्लेख किया गया है। पार्षद के अनुसार, माता सुंदरी रोड पर अवैध कब्जों से संबंधित कार्रवाई के दौरान विधायक द्वारा डीसी कनिका से फोन पर हुई बातचीत को स्पीकर पर मौजूद लोगों को सुनाया गया था। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिकायत के बाद साजिश का आरोप

पार्षद का कहना है कि अधिकारियों की कथित अनियमितताओं के संबंध में शिकायत किए जाने के बाद उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ निगम की कार्रवाई का ठीकरा उनके सिर फोड़कर क्षेत्र की जनता के बीच उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

परिवार की सुरक्षा को लेकर भी जताई आशंका

किरण बाला ने अपने, अपने पति और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

पार्षद ने मेयर से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें कथित साजिश से संरक्षण देने की मांग की है।