पार्षद निधि की पहली किस्त जारी, वार्डों में विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार : सत्या शर्मा

दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा है कि भाजपा शासित एमसीडी ने वार्ड स्तर पर विकास कार्यों को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पार्षद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि की पहली किस्त जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के बजट में पार्षद निधि को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की घोषणा अब धरातल पर उतरने लगी है।

सत्या शर्मा ने बताया कि पहले पार्षदों को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 1.55 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन बढ़ती आबादी, नागरिक सुविधाओं की मांग और विकास कार्यों की जरूरतों को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं रह गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा प्रशासन ने आगामी वित्तीय वर्ष से निधि बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया, ताकि किसी भी वार्ड में विकास कार्य धनाभाव के कारण प्रभावित न हों।

उन्होंने बताया कि एमसीडी आयुक्त द्वारा 50 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह राशि चार चरणों में जारी की जाएगी, जिससे विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि अब पार्षद अपने क्षेत्रों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को बिना वित्तीय बाधा के तेजी से पूरा करा सकेंगे।

सत्या शर्मा के अनुसार निगम प्रशासन का मुख्य फोकस मानसून से पहले बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से जारी आदेश में सिविल कार्यों के लिए 40 लाख रुपये, इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए 5 लाख रुपये तथा हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए 5 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, मैनहोल कवर बदलने, नालों की सफाई, स्लैब लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्यों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव, टूटी सड़कें और गंदगी जैसी समस्याएं आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं। ऐसे में समय रहते पार्षदों को पर्याप्त फंड उपलब्ध कराना बेहद जरूरी था। भाजपा प्रशासन ने इसी सोच के तहत यह फैसला लिया है ताकि हर वार्ड में समय पर विकास और मरम्मत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि लोगों को जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पार्षद जनता के सबसे नजदीकी जनप्रतिनिधि होते हैं और उन्हें मजबूत किए बिना स्थानीय विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि निगम प्रशासन ने पार्षदों को अधिक वित्तीय अधिकार और संसाधन देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले महीनों में दिल्ली के सभी वार्डों में विकास कार्यों की रफ्तार स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। भाजपा प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और तेज विकास के मॉडल पर काम कर रहा है तथा नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।