दिल्ली में पूर्व बस मार्शलों और सिविल डिफेंस कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष पूर्व बस मार्शल चन्दगीराम अखाड़े पर एकत्र हुए और भाजपा सरकार के खिलाफ महाआंदोलन का ऐलान किया।

प्रदर्शन कर रहे बस मार्शलों का आरोप है कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद भाजपा ने 60 दिनों के भीतर स्थायी रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद 10,792 पूर्व बस मार्शलों को अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कई बार मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी मांग रखी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

आंदोलनकारी बस मार्शलों ने कहा कि अब यह आंदोलन पूरी दिल्ली में चलाया जाएगा और जब तक सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे “सियासत नहीं, समाधान” चाहते हैं।
बस मार्शलों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि आने वाले दिनों में दिल्ली की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद भाजपा नेताओं के पुराने वादों से जुड़े पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे तथा सभी विधानसभाओं में “बेरोजगार यात्रा” निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि पिछले तीन वर्षों के आंदोलन के दौरान कई महिला और पुरुष बस मार्शलों की मौत हो चुकी है। आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि रोजगार न मिलने से उनकी उम्र और भविष्य दोनों प्रभावित हुए हैं और अब वे आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला और पुरुष बस मार्शलों को चोटें भी आईं। वहीं पुलिस द्वारा कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। आंदोलनकारियों ने बताया कि शनिवार को सरकार को स्थायी रोजगार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदर्शन में मुकेशपाल सिंह, नरेंद्र कुमार राय, रोहित डीलर, आदित्य राय, सचिन, विनोद कुमार पाल, रेखा रानी, लक्ष्मी किरण सहित सैकड़ों पूर्व बस मार्शलों ने भाग लिया।
