‘रिटर्न गिफ्ट’ की राजनीति पर कांग्रेस का तंज, नाज़िया दानिश बोलीं— भाजपा में वफादारों से ज्यादा दल-बदलुओं की पूछ

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की वार्ड कमेटियों के चुनाव के बाद भाजपा के भीतर कथित “रिटर्न गिफ्ट” की चर्चाओं पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल की नेता नाज़िया दानिश ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि वर्षों तक पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं से ज्यादा महत्व उन लोगों को मिलता है, जो दूसरी पार्टियों से आकर भाजपा में शामिल होते हैं।

नाज़िया दानिश ने कहा कि वार्ड कमेटियों, चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन और स्थायी समिति के पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर भाजपा के अपने कार्यकर्ताओं और पार्षदों में ही असंतोष की चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में इसे “रिटर्न गिफ्ट” कहा जा रहा है, क्योंकि कई ऐसे पार्षदों को अहम जिम्मेदारियां मिली हैं जो हाल ही में दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए हैं। एमसीडी की वार्ड समितियों और स्थायी समिति के चुनाव हाल ही में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

उन्होंने कहा, “अगर भाजपा में वर्षों की निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण की बजाय दल-बदल का इनाम मिलता है, तो यह उन हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है जिन्होंने कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।”दानिश ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा में पद पाने का नया फॉर्मूला शायद यही बन गया है— “पहले दूसरी पार्टी में जाइए, फिर भाजपा में आइए और रिटर्न गिफ्ट पाइए।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस मानती है कि किसी भी राजनीतिक दल में पद देने का अधिकार उसके नेतृत्व के पास होता है, लेकिन यदि फैसलों से अपने ही समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष पैदा हो, तो नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए। भाजपा को यह बताना चाहिए कि संगठन के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की भूमिका आखिर क्या रह गई है।

नाज़िया दानिश ने कहा कि दिल्ली की जनता राजनीतिक “रिटर्न गिफ्ट” नहीं, बल्कि बेहतर नागरिक सुविधाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का पूरा ध्यान राजनीतिक समीकरण साधने पर है, जबकि दिल्ली के नागरिक मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं।