नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल की नेता नाज़िया दानिश ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसी शांतिपूर्ण आंदोलन या भूख हड़ताल कर रहे व्यक्ति के साथ इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
नाज़िया दानिश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज़ों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई का।
उन्होंने कहा कि यदि किसी आंदोलन से जुड़े लोग घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे या आंदोलन के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन इससे यह उचित नहीं ठहराया जा सकता कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
नाज़िया दानिश ने केंद्र सरकार से मांग की कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विरोध प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों की रक्षा की जाए और राजनीतिक मतभेदों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाए।
