महर्षि वाल्मीकि पर टिप्पणी के विरोध में भाजपा का धरना, हर्ष मल्होत्रा बोले— आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं
नई दिल्ली, 18 जुलाई। संत महर्षि भगवान वाल्मीकि के खिलाफ कांग्रेस प्रवक्ता दीपक झा द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में वाल्मीकि धर्म सम्मान रक्षा समिति की ओर से राजघाट के सामने धरना आयोजित किया गया। धरने में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा शामिल हुए और कांग्रेस पर वाल्मीकि समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि एक टीवी बहस में महर्षि भगवान वाल्मीकि के लिए इस्तेमाल की गई भाषा करोड़ों लोगों की आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत का अपमान है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के मार्गदर्शक हैं और उनके प्रति अभद्र टिप्पणी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्षों तक दलित और वाल्मीकि समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती रही। उन्होंने कहा कि समाज को अब भीख नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और स्वाभिमान चाहिए। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 35ए हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में वाल्मीकि समाज को आरक्षण सहित कई संवैधानिक अधिकारों का लाभ मिला।
धरने की अध्यक्षता महामंडलेश्वर कृष्ण शाह विद्यार्थी महाराज ने की। कार्यक्रम में आचार्य विवेक मुनि, अनिल वाल्मीकि, अजय भाई, साध्वी दीप्ति महाराज, साध्वी रेणुका जाटव, विष्णो दास महाराज, प्रकाश तंवर, राम चरण गुजराती, छात्रपाल सिंह, सुशांत गोल्डी, राजेंद्र पार्चा, नितिन दिमान, सुनीता कांगड़ा और कर्म सिंह करमा सहित वाल्मीकि एवं दलित समाज के अनेक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
धरने में विश्व हिंदू परिषद के दिल्ली प्रांत प्रमुख कपिल खन्ना, त्रिलोकपुरी विधायक रविकांत रवि, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल गिहारा, निगम पार्षद विकास टांक तथा एनडीएमसी सदस्य अनिल कुमार सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संतों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और समाज अपमान का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से अपनी एकजुटता, शिक्षा और मतदान की ताकत से देगा।
