पुरानी लाजपत राय मार्केट में ‘अवैध निर्माण’ पर नाज़िया दानिश का बड़ा हमला
कांग्रेस नेत्री ने MCD-पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल, बोलीं—मिलीभगत है तो जांच में सामने आए सच
नई दिल्ली। पुरानी लाजपत राय मार्केट में कथित अवैध तोड़फोड़ और निर्माण को लेकर कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष नाज़िया दानिश ने MCD और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी इलाके में अवैध निर्माण लगातार जारी है तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

नाज़िया दानिश ने कहा कि अवैध निर्माण के संरक्षण और कार्रवाई के बीच यदि कहीं कोई मिलीभगत है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कथित तौर पर लाखों रुपये की रिश्वत के लगाए जा रहे आरोपों को भी गंभीर बताते हुए कहा कि इन दावों की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।‘किसके संरक्षण में चल रहा खेल?’कांग्रेस नेत्री ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण अवैध था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी कब मिली और शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई? उन्होंने कहा कि पूरे मामले में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि तोड़फोड़ और निर्माण की गतिविधियों के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें संरक्षण किस स्तर से मिला।

MCD-पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आए
नाज़िया दानिश ने कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी पर सीधे आरोप लगाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। जांच में MCD के संबंधित अधिकारियों, पुलिस की भूमिका, निर्माण की अनुमति, शिकायतों और अब तक हुई कार्रवाई की पूरी कड़ी को सामने लाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि रिश्वत के आरोप निराधार हैं तो यह भी जांच से साफ होना चाहिए और यदि आरोपों में सच्चाई है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
नाज़िया का सवाल—जिम्मेदार कौन?
कांग्रेस नेता ने कहा कि पुरानी लाजपत राय मार्केट का मामला केवल एक निर्माण या तोड़फोड़ का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह निगम की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि कथित अवैध निर्माण कैसे हुआ, किसकी जानकारी में हुआ और कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
