टैक्सी, ऐप-बेस्ड कैब, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नाम-आईडी बैज, वाहन नंबर और डिजिटल सत्यापन लागू करने की मांग; मनोज कुमार जैन ने हर्ष मल्होत्रा को भेजा सुझाव पत्र
दिल्ली में हर कैब-ऑटो चालक की हो यूनिक पहचान, ड्रेस कोड भी अनिवार्य
नई दिल्ली, 5 सितंबर। दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने वाली टैक्सी, ऐप-बेस्ड कैब, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में निगम पार्षद (मनोनीत) एवं अध्यक्ष, सहयोग दिल्ली मनोज कुमार जैन ने महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सुझाव पत्र भेजकर राजधानी में सभी सार्वजनिक यात्री वाहनों के चालकों के लिए अनिवार्य ड्रेस कोड, यूनिक ID और डिजिटल सत्यापन व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
मनोज कुमार जैन का कहना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग रोजाना कैब, ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करते हैं। ऐसे में चालक की पहचान और वाहन की जानकारी यात्रियों को आसानी से उपलब्ध होना जरूरी है। प्रस्ताव के मुताबिक प्रत्येक चालक के लिए एक समान और स्पष्ट ड्रेस कोड लागू किया जाए तथा उसकी ड्रेस पर नाम और स्पष्ट ID बैज अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसके अलावा प्रत्येक चालक को स्थायी यूनिक टोकन अथवा ID नंबर दिया जाए, जबकि संबंधित वाहन पर भी स्पष्ट यूनिक पहचान नंबर प्रदर्शित हो।
उन्होंने चालक और वाहन दोनों के लिए डिजिटल सत्यापन व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया है, जिससे किसी यात्री की शिकायत, दुर्घटना अथवा आपराधिक घटना की स्थिति में चालक और वाहन की पहचान तत्काल सुनिश्चित की जा सके। जैन ने कहा कि सभी ऐप-बेस्ड कैब कंपनियों, टैक्सी ऑपरेटरों, ऑटो और ई-रिक्शा सेवाओं के लिए एक समान नियम होने चाहिए, ताकि अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडरों के लिए अलग-अलग व्यवस्था न रहे।
जैन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का सुझाव दिया है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस या परमिट का निलंबन तथा बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस अथवा परमिट रद्द करने तक के प्रावधान शामिल करने की मांग की गई है। साथ ही ऐसे सर्विस प्रोवाइडरों की भी जवाबदेही तय करने का सुझाव दिया गया है, जिनके चालक लगातार नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएं।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और दिल्ली में पहली बार आने वाले यात्रियों को मिलेगा। यात्री वाहन में बैठने से पहले चालक की पहचान आसानी से देख सकेंगे और किसी भी अप्रिय स्थिति में संबंधित चालक एवं वाहन तक प्रशासन और पुलिस की पहुंच तत्काल संभव होगी।
उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था में पहचान की स्पष्टता केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि जवाबदेही और यात्री विश्वास से भी जुड़ा है। दिल्ली जैसे महानगर में यात्रियों को यह पता होना चाहिए कि वे जिस चालक और वाहन के साथ सफर कर रहे हैं, उसकी पहचान सत्यापित है और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
जैन ने कहा, “दिल्ली केवल देश की राजधानी नहीं, बल्कि भारत का चेहरा है। यहां की परिवहन व्यवस्था जितनी सुरक्षित, अनुशासित और पारदर्शी होगी, देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के बीच दिल्ली की छवि उतनी ही बेहतर बनेगी।”
उन्होंने हर्ष मल्होत्रा से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग, दिल्ली पुलिस तथा टैक्सी-कैब, ऑटो एवं ई-रिक्शा संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावी नियम एवं अनुपालन व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि एक समान ड्रेस, स्पष्ट यूनिक ID, वाहन की अलग पहचान और डिजिटल सत्यापन से दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन दोनों बढ़ेंगे। उनका कहना है कि यह पहल राजधानी को अधिक सुरक्षित, जवाबदेह और विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
