निगम स्कूलों को नई दिशा, नई उड़ान—12 जोन में खुलेंगे 24 ‘निगम श्री विद्यालय’

नई दिल्ली, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली नगर निगम ने अपने विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की बड़ी पहल की। सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा तथा महापौर प्रवेश वाही ने निगम के 87 शिक्षाविदों को सम्मानित किया। इनमें 4 प्रधानाचार्य और 83 अध्यापक शामिल रहे।

समारोह में हर्ष मल्होत्रा ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र को दिशा देने का काम करता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस केवल किसी एक व्यक्ति को सम्मान देने का अवसर नहीं, बल्कि देश की गुरु-शिष्य परंपरा और पूरी शिक्षा व्यवस्था के सम्मान का दिन है।

‘पांचवीं के बाद बच्चा पढ़ाई न छोड़े, यह शिक्षक सुनिश्चित करें’

हर्ष मल्होत्रा ने निगम शिक्षकों से कहा कि पांचवीं कक्षा के बाद जब बच्चा छठी कक्षा में जाए तो उसकी पढ़ाई निरंतर जारी रहे, यह सुनिश्चित करना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय नई तकनीक और नए कौशल सीखने का है तथा निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों को किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहना चाहिए।

 

12 जोन में 24 निगम श्री विद्यालयों की तैयारी

महापौर प्रवेश वाही ने निगम विद्यालयों में हो रहे बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके करीब दो दशक के सार्वजनिक जीवन में जब भी उन्हें निगम स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों से मिलने का अवसर मिला, उन्हें गौरव की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों के शिक्षक किसी भी मामले में निजी विद्यालयों के शिक्षकों से कम नहीं हैं। स्मार्ट कक्षाओं और स्मार्ट शिक्षकों को देखकर गर्व महसूस होता है।

महापौर ने बताया कि निगम के 12 क्षेत्रों में 24 ‘निगम श्री विद्यालय’ तैयार किए जा रहे हैं। ये विद्यालय अपने आसपास के निगम स्कूलों का मार्गदर्शन भी करेंगे। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने और अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘प्रतिभागिता’ पहल भी शुरू की जा रही है।

क्रिकेट-फुटबॉल में सामने आएगी निगम स्कूलों की नई प्रतिभा

निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़ाने के लिए ‘निगम मिनी लीग’ शुरू करने की घोषणा भी की गई। इसके तहत अंडर-9 और अंडर-11 आयु वर्ग में क्रिकेट और फुटबॉल की प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। निगम का उद्देश्य इन बच्चों को शुरुआती स्तर पर मंच उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाना है।

महापौर ने कहा कि दिल्ली में 5 से 10 वर्ष की आयु के करीब 20 से 21 लाख बच्चे हैं, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत बच्चे निगम विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में निगम विद्यालय भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

‘नई दिशा, नई उड़ान’ से बदलेगी निगम शिक्षा की तस्वीर

शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ शिक्षकों के सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निगम विद्यालयों को ‘नई दिशा, नई उड़ान’ देने की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि 24 निगम श्री विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी जाएगी और इन विद्यालयों के जरिए देश के सुनहरे भविष्य की नींव मजबूत होगी।

समारोह में उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, स्थायी समिति उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, शिक्षा समिति उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी, निगमायुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त संजीव कुमार मित्तल, निदेशक शिक्षा निखिल तिवारी सहित पार्षद, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग की उन्नयन वार्षिक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। निगम शिक्षकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह को आकर्षक बनाया।