निगम के 24 स्कूल बनेंगे ‘निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’, 7 लाख बच्चों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान

12 जोन में दो-दो उत्कृष्ट स्कूलों का चयन, पड़ोसी 3 से 5 स्कूलों को भी देंगे शैक्षणिक मार्गदर्शन; स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, खेल सुविधाओं और समावेशी ढांचे से बदलेगी तस्वीर

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने अपने विशाल प्राथमिक शिक्षा तंत्र को नई दिशा देने के लिए ‘निगमश्री स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस’ पहल तैयार की है। इसके तहत निगम के 12 जोन में दो-दो बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को चिन्हित कर कुल 24 निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को सिर्फ बेहतर सुविधाओं वाले संस्थान नहीं, बल्कि आसपास के निगम स्कूलों के लिए मॉडल और मार्गदर्शक स्कूल के तौर पर विकसित करने की योजना है।

निगम के करीब सात लाख विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए तैयार इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और निपुण भारत मिशन के अनुरूप बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। निगमश्री स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता, नेतृत्व क्षमता, आधारभूत ढांचे और अभिभावक-समुदाय की भागीदारी को एक साथ मजबूत किया जाएगा।

हर निगमश्री स्कूल बनेगा ‘स्कूल कॉम्प्लेक्स’

इस पहल की सबसे अहम विशेषता यह है कि चयनित 24 स्कूल अपने तक सीमित नहीं रहेंगे। प्रत्येक निगमश्री स्कूल आसपास के तीन से पांच निगम स्कूलों का मार्गदर्शन करेगा। शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग, संसाधनों की साझेदारी और बेहतर शिक्षण पद्धतियों के जरिए पड़ोसी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने में मदद की जाएगी। इस तरह उत्कृष्ट स्कूलों को पूरे जोन में शिक्षा सुधार का केंद्र बनाने की योजना है।

कक्षा तीन तक पढ़ना-लिखना और गणित पर जोर

निगमश्री स्कूलों में मौजूदा निगम पाठ्यक्रम और आरटीई के अनुरूप प्रवेश व्यवस्था बरकरार रहेगी। हालांकि, पढ़ाई में गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। लक्ष्य होगा कि विद्यार्थी कक्षा तीन तक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता हासिल कर सकें। इससे शुरुआती कक्षाओं में बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करने पर फोकस रहेगा।

स्मार्ट क्लास से लेकर खेल मैदान तक होगा कायाकल्प

चयनित स्कूलों में न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं के मानक तय किए जाएंगे। प्रत्येक निगमश्री स्कूल में कम से कम दो स्मार्ट-सक्षम कक्षाएं, कार्यशील लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्कूल परिसरों को हरित और बेहतर वातावरण वाला बनाने पर भी जोर रहेगा।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्कूलों को अधिक समावेशी बनाया जाएगा। इसके तहत रैंप और बुनियादी सीडब्ल्यूएसएन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई बच्चा स्कूल के संसाधनों और शिक्षा से वंचित न रहे।

अनुभवी प्रिंसिपल और शिक्षकों की होगी तैनाती

निगमश्री स्कूलों की सफलता के लिए नेतृत्व और शिक्षक गुणवत्ता को भी प्रमुख आधार बनाया गया है। यहां बेहतर प्रदर्शन वाले प्रिंसिपल और अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। शिक्षकों के लिए हर वर्ष कम से कम 50 घंटे का सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है। स्कूलों के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त सहायक स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

अभिभावकों और समाज को भी जोड़ेगा निगम

निगमश्री स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक भागीदारी को मजबूत करने की योजना है। समुदाय के स्वयंसेवकों और पूर्व विद्यार्थियों को विद्यांजली प्लेटफॉर्म के जरिए स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इससे स्कूल और समाज के बीच साझेदारी मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका भी बढ़ेगी।

संसाधन, सीएसआर और विकास अनुदान से होगा सहयोग

योजना के लिए वित्तीय संसाधन मौजूदा निगम संसाधनों के साथ-साथ सीएसआर साझेदारियों और समर्पित वार्षिक विकास अनुदान से जुटाए जाएंगे। चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और चेकलिस्ट आधारित आवेदन व्यवस्था के जरिए करने का प्रावधान रखा गया है।

निगम का लक्ष्य इन 24 स्कूलों को ऐसे मॉडल स्कूल के रूप में स्थापित करना है, जिनसे पूरे निगम शिक्षा तंत्र में सुधार को गति मिले। बेहतर बुनियादी शिक्षा, आधुनिक एवं समावेशी सुविधाओं और स्कूल-समुदाय साझेदारी के जरिए निगम स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।