एमसीडी की हेल्थ पैनल नीति में बड़ा बदलाव, कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

2006 के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक संशोधन, निजी अस्पतालों और लैब्स का दायरा बढ़ेगा; देशभर में पात्र लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों में उपचार की सुविधा

नई दिल्ली, 19 सितंबर। दिल्ली नगर निगम ने अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, उनके परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों को बेहतर एवं सरल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संशोधित हेल्थ एम्पैनलमेंट पॉलिसी लागू कर दी है। वर्ष 2006 के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए इस व्यापक संशोधन के तहत कैशलेस उपचार, अस्पतालों के व्यापक विकल्प और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि संशोधित नीति का उद्देश्य निगम के लाभार्थियों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों से बचाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि निगम स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सरल, सुलभ और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

नियमित कर्मचारियों को कैशलेस इनडोर उपचार

संशोधित नीति के तहत नियमित निगम कर्मचारियों और उनके आश्रितों को निर्धारित सीजीएचएस दरों पर कैशलेस इनडोर उपचार की सुविधा मिलेगी। निर्धारित दरों के अनुसार अस्पताल को भुगतान निगम द्वारा सीधे किया जाएगा। अन्य मामलों में सीजीएचएस दिल्ली की निर्धारित दरों के आधार पर चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।

अनुबंध कर्मचारियों के लिए भी पहली बार विशेष प्रावधान

नीति में अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। अनुबंध अवधि के दौरान निगम द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर कैश-पेमेंट आधार पर उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इसे स्वास्थ्य पैनल नीति में महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।

पेंशनभोगियों को क्रेडिट और कैशलेस इलाज

पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में क्रेडिट/कैशलेस उपचार की सुविधा जारी रहेगी। इसके अलावा वे सीजीएचएस से सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। ऐसे मामलों में सीजीएचएस दर अथवा वास्तविक खर्च, जो भी कम होगा, उसके आधार पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।

दिल्ली से बाहर रहने वाले लाभार्थियों को भी राहत

संशोधित नीति का दायरा दिल्ली से बाहर रहने वाले पात्र लाभार्थियों तक भी बढ़ाया गया है। ऐसे लाभार्थी किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। भुगतान सीजीएचएस दर अथवा वास्तविक खर्च, जो भी कम होगा, उसके आधार पर किया जाएगा।

सालभर खुलेगा अस्पतालों और लैब्स का एम्पैनलमेंट

एमसीडी ने सूचीबद्ध निजी अस्पतालों और लैब्स के लिए वर्षभर एम्पैनलमेंट की सुविधा भी शुरू की है। इसके लिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निर्धारित शर्तों के तहत सुरक्षा जमा की आवश्यकता भी नहीं होगी। सीजीएचएस/डीजीईएचएस पैनल पर बने रहने वाले अस्पताल निगम के पैनल पर भी बने रह सकेंगे।

महापौर बोले—जरूरत के समय नहीं होगी अनावश्यक परेशानी

महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, उनके परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। संशोधित हेल्थ एम्पैनलमेंट पॉलिसी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यापक और आसान बनाया गया है।उन्होंने कहा कि निगम का प्रयास है कि आवश्यकता के समय किसी भी पात्र लाभार्थी को गुणवत्तापूर्ण उपचार हासिल करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। महापौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नीति के प्रावधानों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र लाभार्थियों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।