अवैध निर्माण पर एमसीडी का फिर चला बुलडोजर, 29 संपत्तियां ध्वस्त

12 जोन में दिनभर चला सघन प्रवर्तन अभियान, 3 संपत्तियां सील; राजौरी गार्डन से मंडोली तक कार्रवाई

नई दिल्ली, 19 सितंबर। दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एमसीडी का प्रवर्तन अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को निगम ने राजधानी के सभी 12 जोन में व्यापक कार्रवाई करते हुए 29 ध्वस्तीकरण अभियान चलाए और 3 संपत्तियों को सील किया। एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान दिल्ली (एमपीडी), भवन उपविधियों और जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निगम के मुताबिक खतरनाक भवनों, अनधिकृत निर्माण और निर्धारित भवन मानदंडों के उल्लंघन की लगातार निगरानी की जा रही है। चिन्हित संपत्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रवर्तन अभियान में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

एक दिन पहले भी 41 ध्वस्तीकरण, 10 संपत्तियां सील

एमसीडी ने शुक्रवार को भी राजधानी में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया था। इस दौरान एमपीडी और भवन उपविधियों के उल्लंघन के खिलाफ 41 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण और 10 संपत्तियों को सील किया गया था। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई से स्पष्ट है कि निगम ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है।

राजौरी गार्डन से मंडोली तक कार्रवाई

शनिवार को पश्चिमी जोन में राजौरी गार्डन एक्सटेंशन, जीवन पार्क और नवादा में प्रमुख ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई। उत्तरी जोन में खरियां मोहल्ला में कार्रवाई हुई। मध्य जोन के करोल बाग क्षेत्र में बलजीत नगर, मोती नगर और पांडव नगर में भी निगम का प्रवर्तन दल पहुंचा। वहीं उत्तर-पूर्वी जोन में मंडोली सहित विभिन्न इलाकों में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई।

जनसुरक्षा से समझौता नहीं

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल अनधिकृत निर्माण हटाना नहीं, बल्कि ऐसे भवनों और निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी है, जिनसे आम लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। निगम ने सभी 12 जोन के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर निर्धारित प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।एमसीडी ने दोहराया है कि अनधिकृत निर्माण, खतरनाक भवन और भवन उपविधियों के उल्लंघन के खिलाफ प्रवर्तन अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।