वजीरपुर के कूड़े के ढेर से 16 हजार पेड़ों की हरियाली तक, ‘गुरु सुदर्शन वाटिका’ बनी नई पहचान

नई दिल्ली, 27 सितंबर। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के ए-ब्लॉक स्थित मदर डेयरी पार्क में रविवार को ‘गुरु सुदर्शन वाटिका’ का उद्घाटन किया गया। दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सांसद प्रवीण खंडेलवाल और विधायक पूनम भारद्वाज की मौजूदगी रही। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण से हुई। इसके बाद वाटिका का उद्घाटन और पौधारोपण किया गया।

 

2022 में जहां था कूड़े का ढेर, वहां अब 16 हजार पेड़

शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि वजीरपुर के लिए यह दिन खास है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में इसी क्षेत्र में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर हुआ करते थे। करीब 73 ट्रक कूड़ा हटाने के बाद हरित क्षेत्र विकसित करने का काम शुरू हुआ और अब तक लगभग 16 हजार पेड़ लगाए जा चुके हैं।

वर्मा ने कहा कि ये पेड़ आज वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र की ‘लाइफलाइन’ बन चुके हैं। जिन जगहों पर कभी कूड़े और प्रदूषण के कारण घुटन का माहौल रहता था, वहां अब हरियाली दिखाई दे रही है और इसका सकारात्मक असर स्थानीय लोगों को भी महसूस हो रहा है।

प्रदूषण के बीच तैयार हुआ मियावाकी वन

सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वजीरपुर प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से प्रभावित रहा है। ऐसे स्थान पर मियावाकी पद्धति से घना वन तैयार करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्थानीय लोगों से पौधों की देखभाल और संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।

गुरु सुदर्शन लाल जी के संदेश को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा

योगेश वर्मा ने कहा कि गुरु सुदर्शन लाल जी महाराज का जीवन प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और मानवता का संदेश देता है। ‘गुरु सुदर्शन वाटिका’ केवल हरित क्षेत्र नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने का संदेश भी देती है।

उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र के लोग मिलकर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा को जन-अभियान बनाएं तो वजीरपुर को और बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने पौधारोपण कर वाटिका के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।