तेज DJ और हैवी साउंड सिस्टम पर लगे लगाम, पर्यावरण मंत्री को पत्र
सहयोग दिल्ली ने ध्वनि प्रदूषण पर जताई चिंता, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर।दिल्ली में शादी-विवाह, बारात, जागरण और धार्मिक आयोजनों में तेज आवाज वाले DJ एवं हैवी साउंड सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग उठी है। सामाजिक संस्था सहयोग दिल्ली के अध्यक्ष मनोज कुमार जैन ने पर्यावरण मंत्री सरदार मंजींदर सिंह सिरसा को पत्र लिखकर ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि दिल्ली में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़कों पर बड़े-बड़े स्पीकर और शक्तिशाली DJ सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कई बार इनकी आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास रहने वाले लोगों, दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तेज ध्वनि से आसपास के क्षेत्रों में कंपन महसूस होने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास इस समस्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
जैन ने अपने पत्र में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 का उल्लेख करते हुए निर्धारित ध्वनि मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने बड़े DJ और साउंड सिस्टम में साउंड लिमिटर लगाने की व्यवस्था प्रभावी बनाने, आयोजनों के दौरान ध्वनि स्तर की निगरानी करने और नियमों के अनुरूप स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि सड़क पर निकलने वाली बारातों, जुलूसों और शोभायात्राओं में इस्तेमाल होने वाले स्पीकरों की संख्या, क्षमता, दिशा और आवाज को नियंत्रित करने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण करें, ध्वनि स्तर की माप करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मनोज कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि सहयोग दिल्ली किसी धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक आयोजन के खिलाफ नहीं है। संस्था का उद्देश्य धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्सवों के साथ नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार के बीच संतुलन बनाए रखना है।
उन्होंने पर्यावरण मंत्री से इस जनहित के मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि दिल्लीवासियों को अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके और सभी आयोजनों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
